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Panchkula News: हिरासत में युवक की मौत-इंस्पेक्टर समेत पांच पुलिसकर्मी पेश नहीं हुए, 30 जुलाई को पेश होने का आदेश

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संवाद न्यूज एजेंसी
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बठिंडा। जिले के गांव लक्खीजंगल निवासी एक युवक की पुलिस हिरासत में यातना से हुई मौत के मामले में सीआईए स्टाफ बठिंडा के तत्कालीन इंस्पेक्टर नवप्रीत सिंह समेत पांच पुलिसकर्मी मंगलवार को आज अदालत में पेश नहीं हुए। गौरतलब है कि बीती 11 जुलाई को बठिंडा के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने इंस्पेक्टर समेत पांचों पुलिसकर्मियों की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके साथ ही उनको अदालत में पेश होने का आदेश दिया गया था। इसके बावजूद पुलिसकर्मी अदालत में पेश नहीं हुए।
इससे पहले अदालत ने पुलिसकर्मियों को कई बार समन जारी किए, लेकिन वे बिना तामील हुए ही लौटते रहे। इसके बाद अदालत ने इंस्पेक्टर नवप्रीत सिंह के लिए वारंट जारी किया, इसके बावजूद वे जैतो थाने में एसएचओ की ड्यूटी करते रहे। दरअसल ये पांचों पुलिस कर्मी 27 फरवरी 2025 से लगातार अदालत में पेश नहीं हो रहे हैं। गौरतलब है कि 17 अक्टूबर को गांव लक्खीजंगल के एक युवक को सीआईए स्टाफ पुलिस ने उसके घर से हिरासत में लिया था। आरोप है कि सीआईए स्टाफ में टार्चर के दौरान उसकी मौत हो गई थी। जिसके बाद उसके परिजनों ने 18 अक्तूबर 2024 को हत्या का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया था।
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फिरोजपुर जेल में बंद मृतक भिंदर सिंह के भाई ने वहां के जिला एवं सत्र न्यायाधीश को पत्र लिखकर अपने भाई को सीआईए स्टाफ द्वारा अवैध रूप से हिरासत में रखने और प्रताड़ित करने की शिकायत की थी। इस शिकायत की एक प्रति फिरोजपुर के जिला सत्र न्यायाधीश ने बठिंडा के जिला सत्र न्यायाधीश को भेजी थी, जिन्होंने इलाका मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह को जांच का जिम्मा सौंपा था। जांच के दौरान न्यायाधीश कुलदीप सिंह ने एक लंबी रिपोर्ट जारी कर खुलासा किया था कि भिंदर सिंह की मौत वाटरबोर्डिंग जैसी यातनाओं के कारण हुई थी। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि पुलिस ने युवक की मौत के बाद उसे आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को बठिंडा की झीलों में फेंक दिया था।
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इसके बाद थर्मल थाने में इस संबंध में दो झूठी डीडीआर दर्ज की गई थीं। अदालत ने उस समय नवप्रीत सिंह और उसके चार अन्य साथियों के खिलाफ हिरासत में हत्या और सबूत मिटाने के आरोप में मामला दर्ज किया था। इलाका मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह ने पांचों आरोपियों को 27 फरवरी 2025 को अदालत में पेश होने के आदेश दिए थे, लेकिन उसके बाद से पांचों आरोपी अदालत में पेश होने से बच रहे हैं। इस मामले की आज इलाका मजिस्ट्रेट रशलीन कौर की अदालत में सुनवाई होनी थी, लेकिन पांचों पुलिस कर्मी अदालत में पेश नहीं हुए।
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