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Panchkula News: बाढ़ से बचाने के लिए घग्गर को चौड़ा करने का किया जाएगा काम

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अमर उजाला ब्यूरो
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चंडीगढ़। पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में बताया कि डेराबस्सी क्षेत्र के गांव टिवाणा के पास घग्गर को चौड़ा करने और इसके बांध को मिट्टी डालकर मजबूत करने का किया जाएगा। डेराबस्सी विधानसभा क्षेत्र से विधायक कुलजीत सिंह रंधावा विधानसभा में ध्यानाकर्षण लेकर आए थे, जिसके जवाब में यह जानकारी दी गई है।
रंधावा ने कहा कि घग्गर के बांधों को 10 करोड़ से संभावित बाढ़ के खतरे से मजबूत किया गया है, लेकिन अभी भी पिछली बारिश में घग्गर से लीकेज हो रही है। इस समस्या का स्थायी हल निकाला जाएगा, क्योंकि हर बार ही टिवारण के अलावा भांखरपुर, बाकरपुर समेत अन्य गांवों में जलभराव का खतरा रहता है। किसानों को घग्गर से मिट्टी निकालकर खेतों में डालने की इजाजत दें या फिर नई हाईवे परियोजना में मिट्टी का इस्तेमाल करें।
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इस पर मंत्री गोयल ने कहा कि वर्ष 2023 में हुई भारी बारिश के कारण गांव टिवाणा के पास घग्गर नदी में जलस्तर बहुत अधिक बढ़ गया था, जिससे नदी के बाएं किनारे पर स्थित कृषि योग्य भूमि में पानी भर गया था और कटाव के कारण भूमि का स्तर लगभग 8 से 10 फुट तक नीचे चला गया था। इसके बाद विभाग द्वारा कृषि योग्य भूमि को कटाव से बचाने के लिए 2500 फुट लंबाई में पत्थरों की रिवेटमेंट और स्टड्स लगाए गए थे। इसको समर्थन देने के लिए उसके पीछे मिट्टी भरकर बांध बनाया गया था।
गोयल ने बताया कि 29 जून 2025 को घग्गर के कैचमेंट क्षेत्र में भारी वर्षा होने के कारण घग्गर नदी में जल स्तर अचानक बढ़ गया था, लेकिन पत्थरों की रिवेटमेंट पूरी तरह सुरक्षित है। हालांकि, रिवेटमेंट के पीछे डाली गई मिट्टी से बने बांध में कुछ स्थानों पर कटाव आ गया था। विभाग द्वारा तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए बांध की मरम्मत करवा दी गई है। घग्गर नदी के दाहिने किनारे पर स्थित गांव टिवाणा में घग्गर को चौड़ा करने और निकली मिट्टी को बाएं किनारे पर डालकर किनारे को चौड़ा व मजबूत किया जाएगा।
लावारिस पशुओं की समस्या के समाधान के लिए बनाएगी जाएगी व्यापक रणनीति : डॉ. रवजोत सिंह

स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने घोषणा की कि सरकार पंजाब में लावारिस पशुओं की समस्या से निपटने के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार करने के लिए विभिन्न विभागों और विशेषज्ञों की सलाह लेगी। स्थानीय निकाय विभाग इस दिशा में प्रभावी कार्य योजना तैयार करने के लिए सभी संबंधित विभागों और हितधारकों के बीच समन्वय स्थापित करने का काम करेगाा।
विधायक मंजीत सिंह बिलासपुर ने यह मामले उठाया था कि लावारिस पशुओं के कारण सड़क हादसे हो रहे हैं। पशु किसानों की फसल खराब कर रहे हैं। साथ ही लावारिस कुत्तों का आतंक भी बढ़ता जा रहा है। मंत्री डॉ. रवजोत ने बताया कि विभाग ने पहले ही पंजाब मुआवजा टू विक्टिम्स ऑफ एनिमल अटैक एंड एक्सीडेंट पॉलिसी 2023 लागू की है। इसके तहत लावारिस पशुओं के हमले के कारण मृत्यु या स्थायी अपंगता का शिकार होने वाले लोगों के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
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लावारिस पशुओं की संख्या में हुई काफी वृद्धि :
मंत्री रवजोत ने बताया कि लावारिस पशुओं की संख्या में काफी वृद्धि हुई है, जिसके कारण अकसर सड़क हादसे हो रहे हैं। 20वीं पशुगणना के अनुसार राज्य में 1.4 लाख लावारिस पशु थे जिसकी संख्या अब बढ़ गई है। वर्तमान में 2 लाख से अधिक लावारिस पशु राज्य की 518 पंजीकृत गोशालाओं में रखे गए हैं।
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