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योगी का ट्वीट पंजाब में सांप्रदायिक बवाल खड़ा करने की कोशिश : कैप्टन

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चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मालेरकोटला को जिला घोषित करने पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ट्वीट को पंजाब में सांप्रदायिक बवाल खड़ा करने की शर्मनाक कोशिश करार दिया है। कैप्टन ने कहा कि भाजपा पंजाब में चुनाव से पहले हिंसा फैलाने की साजिश रच रही है। उन्होंने योगी को पंजाब के मामलों से दूर ही रहने की सलाह देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश भाजपा की विभाजनकारी और विनाशकारी सरकार के मुकाबले पंजाब में बहुत बढ़िया माहौल है। कैप्टन ने कहा कि यूपी में बीते चार साल से भाजपा सरकार ने सांप्रदायिक विवादों को ही आगे बढ़ाया है।
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर मालेरकोटला को जिले का दर्जा देने को ‘कांग्रेस की विभाजनकारी नीति का प्रतीक’ बताया था। इस पर कैप्टन ने पूछा, योगी क्या जानता है पंजाब के सिद्धांतों या मालेरकोटला के इतिहास के बारे में, जिसका सिख धर्म और गुरु साहिबान के साथ रिश्ता प्रत्येक पंजाबी जानता है। और योगी भारतीय संविधान को क्या समझता है, जिसे उत्तर प्रदेश में उसकी ही सरकार द्वारा रोज बेरहमी से कुचला जाता है।’
योगी की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए कैप्टन ने कहा कि योगी सरकार और भाजपा के सांप्रदायिक नफरत फैलाने के ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए ऐसी टिप्पणियां बेतुकी और बेबुनियाद हैं। भाजपा ख़ासकर यूपी में योगी की विभाजनकारी नीतियों को सारी दुनिया जानती है। उत्तर प्रदेश में मुग़ल सराए का नाम पंडित दीन दयाल उपाध्याय नगर, इलाहाबाद का नाम प्रयागराज और फैजाबाद का नाम अयोध्या बदलने समेत अलग-अलग शहरों के नाम बदलने का जिक्र करते हुए कैप्टन ने इसे योगी सरकार द्वारा इतिहास को फिर से लिखने की कोशिश करार दिया, जिसे भारत के शांति प्रिय लोग कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
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पंजाब में चुनाव से पहले भाजपा की नफरत फैलाने की साजिश
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पष्ट है कि यूपी सरकार के प्रमुख का मालेरकोटला के बारे में ट्वीट एक भड़काऊ संकेत के अलावा और कुछ नहीं है, जिसका उद्देश्य पंजाब में संपूर्ण एकजुटता के साथ रह रहे समुदायों में टकराव पैदा करना है। उन्होंने इसे भाजपा के पक्ष से विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब में नफरत फैलाने की साजिश करार दिया। कैप्टन ने कहा कि यूपी के मुख्यमंत्री यह भूल गए हैं कि उनके अपने राज्य में भी उसी समय चुनाव होने जा रहे हैं और हाल के पंचायती चुनावों के नतीजे संकेत देते हैं कि वहां भाजपा के राजनीतिक हालात हैरान करने वाले हैं।
हिंसा फैलाने वाली संस्था के संस्थापक हैं योगी : कैप्टन
मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कैप्टन ने याद दिलाया कि उत्तर प्रदेश लव जेहाद कानून को स्वीकृति देने वाला देश का पहला राज्य है और योगी की ताजमहल के प्रति खुली नफरत (जिसे वह मुगलों की विरासत मानते हैं) अंतरराष्ट्रीय मीडिया में आलोचना का विषय रहा है। उन्होंने कहा कि दरअसल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कथित तौर पर हिंदु-युवा वाहिनी के संस्थापक हैं, जो गौ रक्षा के नाम पर हिंसा फैलाने के लिए जिम्मेदार संस्था थी, जिसके नतीजे के तौर पर उनके अपने ही राज्य में मुसलमानों को अत्याचार सहना पड़ा।
नदियों में लाशें, अपना राज्य बचाएं योगी : कैप्टन
योगी को अपना ध्यान खुद का राज्य बचाने पर लगाने की नसीहत देते हुए कैप्टन ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कोविड के हालात स्पष्ट तौर पर काबू से बाहर हैं और महामारी से पीड़ित लोगों की लाशें नदियों में फेंकी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह मृत ना गरिकों को सम्मान के साथ अंतिम संस्कार/दफन की रस्मों से वंचित रखा जा रहा है। कैप्टन ने कहा, ‘‘एक मुख्यमंत्री जो अपने राज्य के लोगों के बुनियादी मानवाधिकारों की रक्षा भी नहीं कर सकता, जहां उनके साथ ऐसे शर्मनाक व्यवहार और अपमान के साथ पेश आने की आज्ञा दी जाती है, तो ऐसे मुख्यमंत्री को अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।’’
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