इमरजेंसी के बाहर डिलीवरी और बच्चे की माैत मामले में अमर उजाला की खबर के बाद महिला आयोग की चेयरपर्सन पहुंचीं सिविल अस्पताल, कहा-
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-6 स्थित सिविल अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर ई-रिक्शा में डिलीवरी और नवजात की माैत का मामला अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने वीरवार को अस्पताल का औचक निरीक्षण किया।
उन्होंने अस्पताल में ढेरों खामियां पाईं और अधिकारियों व स्टाफ को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि सिविल अस्पताल में बदइंतजामी और लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। साथ ही पाई गई खामियों की रिपोर्ट सीएम और स्वास्थ्य मंत्री भेजने की बात कही। निरीक्षण के दौरान उन्होंने लेबर रूम, वेटिंग रूम, महिला वार्ड और पीडियाट्रिक वार्ड का दौरा किया।
औचक जांच के दौरान शौचालयों में गंदगी और बदबू फैली पाई गई जिसे देखकर चेयरपर्सन नाराज हो गईं। उन्होंने साफ कहा कि इस अव्यवस्था की पूरी रिपोर्ट मुख्यमंत्री नायब सैनी और स्वास्थ्य मंत्री आरती राव को भेजी जाएगी। इस दौरान सीएमओ और पीएमओ की गैरमौजूदगी भी उन्हें खली। डॉक्टरों ने सफाई देते हुए बताया कि उनके दौरे की पहले से कोई जानकारी नहीं थी इसलिए अधिकारी अस्पताल नहीं आए। हालांकि, कुछ देर बाद पीएमओ मौके पर पहुंच गए। अस्पताल की जांच के दौरान लेबर रूम में पानी टपकता हुआ पाया गया।
इसके बाद महिला वार्ड में निरीक्षण के दौरान सामने आया कि महिला और पुरुष शौचालय एक ही स्थान पर बनाए हैं। बाहर महिला शौचालय लिखा था लेकिन अंदर पुरुष शौचालय की व्यवस्था मिली। इस पर चेयरपर्सन ने महिला सुरक्षा पर सवाल खड़े किए। वॉशरूम और शौचालय बेहद गंदे पाए गए। रेनू भाटिया ने कहा कि महिला वार्ड में गायनी मरीजों की संख्या अधिक रहती है लेकिन गर्म पानी के लिए गीजर की व्यवस्था नहीं है। उन्होंने पीएमओ आरएस चौहान को व्यवस्थाएं तुरंत दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इसके बाद लेबर रूम और महिला वार्ड के बीच बने वेटिंग रूम में भी गंदगी पाई गई।
बच्चों की डाइट के पैसे न मिलने पर जताई नाराजगी
चेयरपर्सन ने पीडियाट्रिक वार्ड का भी दौरा किया। यहां भी शौचालय गंदे पाए गए। उन्होंने कई बच्चों और उनके परिजनों से इलाज को लेकर बातचीत की। इस दौरान जब वार्ड में तैनात डॉक्टर की ड्यूटी के बारे में पूछा गया तो मौके पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि इरफान नामक बच्चे का सीटी स्कैन नहीं हो रहा था, जिस पर चेयरपर्सन ने तत्काल सीटी स्कैन करवाने के निर्देश दिए। इसके अलावा बच्चों के लिए आने वाली दूध और लड्डू की डाइट का पैसा पिछले चार माह से नहीं आने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
कोट
अस्पताल के लेबर रूम, महिला वार्ड, वेटिंग रूम और पीडियाट्रिक वार्ड का दौरा किया गया। यहां शौचालय बेहद गंदे पाए गए और पीडियाट्रिक वार्ड में डॉक्टर भी ड्यूटी पर नहीं मिले। ऐसे हालात में मरीजों को अच्छा इलाज कैसे मिल सकता है। इस पूरे मामले की रिपोर्ट मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को भेजी जाएगी।
- रेनू भाटिया, चेयरपर्सन, हरियाणा राज्य महिला आयोग