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हेड कांस्टेबल के व्हाट्सऐप मैसेज ने मचाई खलबली, लिखा- सर! टूट गया मनोबल, जीने का क्या फायदा

Thu, 26 Sep 2019 11:39 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमित गुप्ता, अमर उजाला, चंडीगढ़
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फाइल फोटो
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चंडीगढ़ एसएसपी ट्रैफिक शशांक आनंद के आधिकारिक व्हॉटसएप ग्रुप में हेड कांस्टेबल रामचंद्र के मैसेज से महकमे में हड़कंप मचा गया है। मैसेज में हेड कांस्टेबल रामचंद्र ने लिखा है कि ‘अगर उनका परिवार बिखर गया तो उनको जीने का अधिकार नहीं, मेरा मनोबल टूट गया है।’ मैसेज के ग्रुप में चलते ही महकमे में खलबली मच गई है।
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मामले की तह तक जाने में सामने आया कि विभाग ने बीते 14 अगस्त को करीब 400 पुलिसकर्मियों की प्रमोशन की लिस्ट जारी की थी। इसमें ट्रैफिक पुलिस में तैनात हेड कांस्टेबल रामचंद्र का नाम भी शामिल था। हेड कांस्टेबल से रामचंद्र के एएसआई बनने के बाद पूरा परिवार काफी खुश था लेकिन अचानक 23 सितंबर को आला अधिकारियों ने एक आदेश जारी कर एएसआई रामचंद्र का डिमोशन कर उन्हें फिर से हेड कांस्टेबल बना दिया।

दरअसल, रामचंद्र के खिलाफ एक मामले में विभागी जांच चल रही है। इसी जांच के चलते उनका डिमोशन किया गया है। यह बात जब रामचंद्र को पता चली तो उन्होंने एसएसपी ट्रैफिक शशांक आनंद के आधिकारिक व्हॉटसएप ग्रुप पर एक के बाद एक कई मैसेज भेजने शुरू कर दिए। मैसेज को पढ़कर ग्रुप के सदस्यों में खलबली मच गई। वहीं आला अधिकारियों ने ग्रुप पर जवाब देते हुए कहा कि उनकी समस्या को जल्द ही हल कर दिया जाएगा।
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ग्रुप में हेड कांस्टेबल ने ये मैसेज भेजे

1- सर, मेरा मनोबल टूट गया है, मैं समझता था मेरे सीनियर अफसर हैं, लेकिन सोच गलत साबित हुई।
2- पर सर मैं सिपाही हूं, सिपाही की जिंदगी जिऊंगा।
3- सर, मेरी जिंदगी खतरे में है। इसका समाधान निकालें।
4- सर, मेरा परिवार बिखर गया तो मेरी जिंदगी किस काम की, क्योंकि मैं जीता हूं परिवार के लिए अगर मेरे परिवार को कुछ हो गया तो मेरे जीने का कोई अधिकार नहीं।

इस मामले में चल रही है रामचंद्र पर जांच
6 सितंबर 2018 को सेक्टर-6 राजभवन से पीजीआई तक सुबह 8 से 11 बजे तक गवर्नर का वीआईपी का रूट लगा था। सेक्टर-3/10 के डिवाइडिंग रोड पर हेड कांस्टेबल रामचंद्र व एक कांस्टेबल की ड्यूटी सुबह 10 से 11 बजे तक लगाई गई थी। इंस्पेक्टर की चेकिंग के दौरान रामचंद्र ड्यूटी पर नहीं मिले, जिसके बाद आला अधिकारियों ने उनके खिलाफ विभागीय जांच खोल दी थी।

जांच जारी है तो कैसे हुआ प्रमोशन
पुलिस के आला अधिकारियों के अनुसार, किसी को भी प्रमोट करने से पहले उसका पूरा रिकार्ड खंगाला जाता है। रिकार्ड साफ होने पर ही प्रमोशन दी जाती है। ऐसे में जब हेड कांस्टेबल रामचंद्र के खिलाफ विभागीय जांच चल रही थी तो उसे प्रमोट ही क्यों किया गया और जांच के बारे में पता चला तो उसका डिमोशन कर दिया गया।

हेड कांस्टेबल रामचंद्र को एएसआई के रूप में प्रमोट किया गया था, लेकिन विभागीय जांच के चलते उनका डिमोशन कर दिया गया है। मामले में हेड कांस्टेबल रामचंद्र की जांच अंतिम चरण में है। जल्द ही जांच पूरी हो जाएगी।
- चरणजीत सिंह विर्क, डीएसपी पीआरओ
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