अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब सरकार राज्य के बेसहारा बच्चों के सुनहरे भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए गोद लेने की प्रक्रिया को कानूनी और सुरक्षित बनाएगी।
वीरवार को सेक्टर-26 स्थित महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में एडॉप्शन रेगुलेशन-2022 संबंधी राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के अवसर सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि बेसहारा बच्चों को कानूनी और सुरक्षित तरीके से गोद लेने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाना जरूरी है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य संबंधित विभागों के अधिकारियों को गोद लेने की प्रक्रिया की जानकारी देना है, ताकि गोद लेने के बाद किसी भी प्रकार की कानूनी अड़चन न आए।
यह कार्यक्रम सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग पंजाब द्वारा केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (कारा) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक कोऑपरेशन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट (निपसड) मोहाली के सहयोग से आयोजित किया गया। इस मौके पर डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि यह हमारे समाज की एक दुखद सच्चाई है कि कई बार नवजात बच्चों को छोड़ दिया जाता है या उनकी जान लेने जैसी घटनाएं होती हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि जो परिवार सक्षम और सुख-सुविधाओं से संपन्न हैं वे इंसानियत के नाते ऐसे अनाथ और बेसहारा बच्चों को कानूनी प्रक्रिया के तहत गोद लेने के लिए आगे आएं। इससे बच्चे को माता-पिता का प्यार मिलेगा और उसका भविष्य भी सुरक्षित होगा। एडॉप्शन रेगुलेशन-2022 को राज्य में लागू करके बिना माता-पिता वाले बच्चों की जिंदगी में नए रंग भरने और उन्हें एक प्यार भरा घर उपलब्ध करवाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।