शहर में दो घंटे बारिश के बाद वीरवार को नगर निगम के रोड, गली और सीवर लाइन की सफाई के दावे फेल हो गए। जहां एक ओर शहर की सड़कें पानी से लबालब भर गईं। वहीं, कई सेक्टरों में लोगों के घरों में पानी भर गया। इससे लोगों को जमकर परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों ने नगर निगम के दावे का विरोध किया। वहीं अधिकारियों का भी लोगों ने जमकर विरोध किया। शहर के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और 2, सेक्टर-25, 26, 27, 28, बुढ़नपुर, इंदिरा कालोनी, राजीव कालोनी सहित सभी जगहों पर पानी भर गया।
शहर में सुबह दस बजे से 12 बजे तक बारिश हुई। बारिश के बाद इंडस्ट्रियल एरिया की रोड गली जाम रही। यहां पर लबालब पानी भर गया। दो घंटे तक पानी की निकासी नहीं हो पाई। वहीं सेक्टर -7, 8, 9,10, 11, 12, 15, 16, 17, 18,19, 21, 22, 23, 24, 25 सहित गांवों और कालोनी में पानी भर गया। इसके बाद लोग परेशान हो गए।
सेक्टर-19 में दो घंटे नहीं निकला पानी
सेक्टर-19 हुडा प्लॉटों में बरसात से पानी भरने के बाद लोगों ने नगर निगम के दो जेई को बंधक बना लिया। लगभग एक घंटे तक लोगों ने जेई को सेक्टर से जाने नहीं दिया और जब जेई की ओर से बरसात के पानी की निकासी का आश्वासन दिया गया, तो जाकर उन्हें जाने दिया। बरसात के बाद सेक्टर-19 हुडा प्लॉटों में रहने वाले लोगों के घरों में पानी घुस गया था। जिसके बाद लोगों ने नगर निगम के अधिकारियों को सूचित किया। निगम के दो जेई समस्या का समाधान करने के लिये पहुंचे, परंतु उन्हें पकड़ लिया गया। लोगों ने खूब खरी खोटी उन दोनों को सुनाई। लोगों ने बताया कि 10 जुलाई 2019 को मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखकर बताया गया था कि हल्की सी बरसात के बाद ही हुडा प्लॉटों में लोगों के घरों में पानी घुस गया था। बरसात का पानी बेडरूम एवं रसोई तक घुस गया। जिससे घर में रखे सामान का काफी नुकसान हुआ था। इससे पूर्व भी कई बार लोग प्रशासन के ध्यान में यह बात ला चुके हैं, लेकिन आज तक कोई हल नहीं हुआ।
पाइप लाइन को कोई फायदा नहीं
सेक्टर-19 के लोगों ने बताया कि कुछ समय पूर्व बरसात के पानी की निकासी के लिये सेक्टर में पाइप लाइन बिछाई गई थी। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। वहीं मानसून शुरू होते ही शहर में जगह-जगह बरसात के कारण पानी भरने की स्थिति पैदा होने लगी है। शहर के अधिकतर इलाकों में ड्रेनेज सिस्टम साफ ना होने के चलते पानी भर रहा है और लोगों को भारी परेशानी का उठाना पड़ रहा है।
ड्रेनेज सिस्टम की सफाई नहीं हुई
शहर में बारिश के मौसम की जानकारी होने के बाद भी नगर निगम की ओर से ड्रेनेज सिस्टम की सफाई नहीं हुई। इस कारण सेक्टर में पानी भर गया है। इससे सेक्टर के लोगों को परेशानी होती है। इसकी शिकायत सीएम विंडो पर भी दी थी। इसके बाद भी इसका कोई निदान समय रहते नहीं किया गया है।
- दुलीचंद, सेक्टर-19 निवासी
नगर निगम की लापरवाही से परेशान लोग
नगर निगम की ओर से अगर समय रहते शहर की रोड गली साफ करवा दी जाती तो पानी के निष्कासन में समय नहीं लगता। नगर निगम की ओर से हर बार कागजी दावे किए जाते हैं कि ड्रेनेज सिस्टम साफ कराए जाएंगे। लेकिन हकीकत में यह साफ नहीं होते हैं। इससे बारिश के बाद लोग परेशान होते हैं।
- नरेश सैनी निवासी, सेक्टर -19
वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम में नहीं जाता पानी
नगर निगम की ओर से वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तो बनाए गए हैं। लेकिन इसमें बारिश का पानी नहीं जा पाता है। इस कारण इस तरह के हालात बने हुए हैं। पानी सड़कों पर भर जाता है। रोड गली पूरी तरह से जाम हो जाती है।
- सुनील निवासी, सेक्टर -19
घर में पानी घुसने से हुई परेशानी
अगर नगर निगम समय पर रोड गलियों की सफाई कर देता तो हमें इतनी समस्या का सामना नहीं करना पड़ता। दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद घर के अंदर का पानी निकला है। निगम में कई बार रोड गली की सफाई के लिए लिखा गया लेकिन वह इस पर कोई काम नहीं करता। हालात जस के तस बने हुए हैं।
- जीएन पाठक निवासी, सेक्टर -19
बरसात के बाद पहुंचे अधिकारी
जब लोगों ने इकट्ठे होकर नारेबाजी शुरू कर दी तब निगम के अधिकारी आनन फानन में आए। इसके बाद उन्होंने काम किया। इसके पहले वह कुछ भी नहीं करते हैं। जेई पिछड़ा सेक्टर कहकर काम करने से मना कर देते हैं। इस तरह के हालात में हमें परेशानी होती है।
- प्रीति नैन निवासी, सेक्टर-19
जल जमाव से संक्रामक बीमारियों का बनता है खतरा
शहर के सेक्टर के पार्कों में जल जमाव के कारण मलेरिया जैसी संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है। इस कारण परेशानी होती है। इस पर अभी तक कोई काम नहीं किया गया है।
- सीमा निवासी, सेक्टर-19
शहर में जहां भी जल जमाव रहा। उसे निकालने के लिए निगम की टीम ने काम किया है। सेक्टर -19 में पानी में जमाव की समस्या पुरानी हैं। इसके लिए भी उचित कदम उठाए जा रहे हैं। जल्द ही सभी ड्रेनेज सिस्टम् साफ करवाए जाएंगे जिससे कि किसी प्रकार की परेेेशानी शहर के लोगों को न हो।
- सत्यवान, सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर, नगर निगम