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हरियाणा में कुलदीप बिश्नोई हुए बगावती, बोले- युद्ध जंगी घोड़ों से जीते जाते हैं, शादी वालों से नहीं

Sat, 25 Jul 2020 02:03 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
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कुलदीप बिश्नोई - फोटो : फाइल फोटो
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राजस्थान के बाद अब हरियाणा में भी कांग्रेस के आदमपुर से विधायक कुलदीप बिश्नोई ने अपने सुर थोड़े बगावती कर लिए हैं। कुलदीप बिश्नोई ने पुराने कांग्रेसियों को निशाने पर लेते हुए तंज कसा है कि युद्ध हमेशा जंगी घोड़ों से जीता जाता है न की शादी वाले घोड़ों से। मैं जंगी घोड़ा हूं, लेकिन हैरान हूं कि कांग्रेस पार्टी के कुछ नेता मेरा इस्तेमाल करना ही नहीं जानते।
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विधायक कुलदीप ने पहले ट्वीट करते हुए अपना दर्द बयां किया और अब एक बयान में उन्होंने फिर दोहराया कि राहुल और प्रियंका ही उनके नेता है। कुछ कांग्रेसियों को उनकी इस बात से बहुत दिक्कत है। इसलिए वे उनके खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं।

बिश्नोई ने कहा कि आज कांग्रेस में कुछ नेता ऐसे हैं जो या तो लगातार चुनाव हारते जा रहे हैं या लंबे समय से चुनाव ही नहीं लड़े हैं। ऐसे नेता अब अनुभवी कांग्रेसियों को चुनाव लड़ने के तरीके बता रहे हैं। कुलदीप ने कहा कि वह 2 लोकसभा और 4 विधानसभा कुल 6 चुनाव जीत चुके हैं। उसके बावजूद भी कांग्रेसियों ने हाशिए पर रखा हुआ है।
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कुलदीप ने कहा आज जनता को जनाधार वाले नेताओं की जरूरत है सचिन पायलट और ज्योतिरादित्य सिंधिया भी जनाधार वाले नेता हैं इसलिए कांग्रेसियों को भी ऐसे ही नेताओं को आगे लाना होगा। कुलदीप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का उदाहरण देते हुए कहा कि ये नेता जनता के नेता रहे हैं। इसलिए जनता ने उन्हें हमेशा सिर-आंखों पर बिठाया।

कांग्रेस के पास भी ऐसे जनाधार वाले नेता है। जिन्हें आगे लाना होगा वरना कांग्रेस बिखर जाएगी। कुलदीप ने कहा कि वह कांग्रेस छोड़कर कहीं जाने वाले नहीं है। बल्कि उन्होंने अपने दोस्तों सचिन पायलट और ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी यही समझाया है कि भाजपा अच्छी पार्टी नहीं है।

बिश्नोई के अनुसार वह बगावत भी नहीं कर रहे हैं, मगर सही बात साफ ढंग से कह देना उनकी आदत है। उन्होंने कांग्रेस कभी नहीं छोड़ी। हरियाणा जनहित कांग्रेस में रहते हुए भाजपा खुद उनसे समझौता करने आई थी और उन्होंने गठबंधन का धर्म निभाते हुए अपना कर्म किया था। लेकिन भाजपा ने उनके साथ किया कोई वादा नहीं निभाया। इसलिए यह गठबंधन आगे नहीं चला।

बरौदा उपचुनाव के बारे में कुलदीप ने कहा कि अगर कांग्रेसी यहां सही प्रत्याशी उतारती है, तो जीत पक्की है। उनके अनुसार पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की पत्नी आशा हुड्डा इस सीट पर प्रबल दावेदार हैं लेकिन आखिरी फैसला हाईकमान को करना है।
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