अधूरे संप वेल से जलभराव, बदहाल सड़कें-सीवरेज ने बढ़ाई परेशानी चुनावी वादों पर उठे सवाल
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। नगर निगम चुनाव 2026 का बिगुल बजते ही शहर में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। 10 मई को होने वाले मतदान के लिए प्रत्याशी विकास के दावे लेकर जनता के बीच पहुंच रहे हैं, लेकिन वार्ड नंबर-4 के निवासियों के लिए हकीकत इससे अलग है। अमर उजाला टीम के सेक्टर-9 और 10 के दौरे में सामने आया कि यहां मुद्दे आज भी 2020 के चुनाव जैसे ही हैं।
संप वेल का काम अधर में, डूब रहे घर और गाड़ियां
सेक्टर-10 निवासी सुभाष शर्मा ने बताया कि मकान नंबर 465 से 646 तक की स्थिति बेहद खराब है। मानसून में बरसाती पानी लोगों के डाइनिंग रूम तक पहुंच जाता है। सड़कों पर खड़े वाहन डूब जाते हैं, जिससे हर साल लाखों रुपये का नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि यहां छह संप वेल बनने थे, लेकिन पांच साल में केवल एक ही बन पाया, जबकि बाकी काम अधूरा है।
सात साल से सी-रोड्स का इंतजार
वरिष्ठ नागरिक बीएम कौशिक के अनुसार, लोग अब खोखले वादों पर भरोसा नहीं कर रहे। उन्होंने कहा कि सात साल में भी सी-रोड्स नहीं बन पाईं। सफाई व्यवस्था बदहाल है और गलियां जाम रहती हैं। मोबाइल टावर कंपनियों द्वारा की गई खुदाई आज तक नहीं भरी गई। करीब 10 दिन पहले निगम आयुक्त विनय कुमार ने दौरा किया, लेकिन कोई सुधार नजर नहीं आया। सेक्टर-9 में अतिक्रमण के कारण दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।
बदबू के साये में 100 घर, सीवरेज बना मुसीबत
सेक्टर-10 निवासी एनके खोसला ने बताया कि होटलों के पीछे बना दोषपूर्ण सीवरेज सिस्टम परेशानी का कारण बना हुआ है। आरोप है कि होटलों ने नियमों के विरुद्ध सीवरेज कनेक्शन किए हुए हैं, जिससे ओवरफ्लो की समस्या रहती है। गंदा पानी सड़कों पर जमा हो जाता है और करीब 100 घरों के लोग बदबू के बीच रहने को मजबूर हैं। शिकायतों के बावजूद समाधान नहीं हुआ।
डॉग बाइट भी बना मुद्दा, समाधान नहीं
एनके खोसला ने बताया कि पिछली बार कुत्तों के आतंक को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया गया था। नसबंदी जैसे दावे किए गए, लेकिन छह साल बाद भी हालात जस के तस हैं। पार्कों और सड़कों पर आवारा कुत्तों का जमावड़ा है, जिससे लोग बाहर निकलने से डरते हैं।
वार्ड-4 एक नजर में:
क्षेत्र : सेक्टर-9 और 10, पंचकूला
कुल मतदाता : 10482
मुख्य मुद्दे : संप वेल, बदहाल सड़कें, अतिक्रमण, सफाई व्यवस्था
जनता के सवाल
पांच साल में केवल एक संप वेल क्यों बना?
सात साल में सी-रोड्स की मरम्मत क्यों नहीं हुई?
अवैध सीवरेज चलाने वाले होटलों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?