चंडीगढ़। हरियाणा के 14 हजार एनएचएम कर्मचारियों को स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का साथ मिला है। उन्होंने कर्मचारियों को फिक्स वेतन देने के वित्त विभाग के परामर्श को लागू करने पर रोक लगा दी है। इस मुद्दे पर वह मुख्यमंत्री मनोहर लाल के साथ जल्दी बैठक करेंगे।
वित्त विभाग ने 1 जून को एनएचएम अधिकारियों के साथ बैठक कर 20 जून को सेवा नियम लागू करने के संबंध में परामर्श देते हुए पत्र जारी कर दिया था। कर्मचारियों ने पत्र संज्ञान में आते ही 24 जून से धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिए। वित्त विभाग का परामर्श लागू करने पर 30 जून से बेमियादी हड़ताल पर जाने की चेतावनी दे दी थी। सर्व कर्मचारी संघ ने हड़ताल को समर्थन दे दिया था। जिससे अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने के आसार बन गए। अमर उजाला ने 29 जून के संस्करण में वित्त विभाग के परामर्श को लागू से कर्मचारियों को होने वाले नुकसान और हड़ताल की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया। कोरोना संक्रमित होने के बाद अनिल विज बुधवार को ही सचिवालय पहुंचे और खबर का संज्ञान लेते हुए दोपहर बाद स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा, एनएचएम के मिशन निदेशक प्रभजोत सिंह ओर अन्य अधिकारियों की बैठक बुला ली। बैठक में वित्त विभाग के परामर्श पर अधिकारियों से जानकारी ली गई।
विज ने कहा कि वित्त विभाग के 20 जून 2022 को एनएचएम कर्मचारियों के सेवा नियमों के निर्णय को लागू करने के संबंध में दिए गए परामर्श को मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बैठक तक रोक दिया है। स्वास्थ्य विभाग और एनएचएम अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं।