चंडीगढ़। हरियाणा में बिजली निगमों की विजिलेंस टीम एक्शन मोड में है। विजिलेंस टीमें हर रोज औसतन 281 बिजली चोरों को पकड़ रही है। 1 जनवरी से लेकर 15 अप्रैल तक बिजली चोरी के 29,513 मामले दर्ज किए गए। साथ ही इन उभोक्ताओं से 67.95 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड वसूली भी की गई है। बिजली चोरों के खिलाफ बिजली निगमों की टीमों का अभियान चल रहा है। हरियाणा सरकार ने पिछले साल 4 बड़े अभियान चलाकर छापेमारी की थी। इस बार भी गर्मी के सीजन के शुरू होती है बड़े स्तर पर चेकिंग कर 10 करोड़ रुपये की बिजली चोरी पकड़ी है।
रेवाड़ी में सबसे अधिक चोरी के मामले
वर्ष 2022 में दर्ज बिजली चोरी के मामलों में सबसे ऊपर रेवाड़ी और हिसार है। रेवाड़ी में 6319, हिसार में 4861 दर्ज किए गए हैं। इनके बाद रोहतक में गुरुग्राम 4148, फरीदाबाद 3571 3837, जींद में 3427, करनाल में 1811, अंबाला में 1539 मामले दर्ज किए। इसी प्रकार, पानी चोरी के कुल 105 मामले दर्ज किए गए। इनमें हिसार 89, जींद 12 और करनाल में चार केस किए, जबकि अंबाला, रोहतक, रेवाड़ी, गुरूग्राम, फरीदाबाद में एक भी पानी चोरी का मामला नहीं आया।
चोरों के खिलाफ लगातार जारी रहेगा अभियान : सिहाग
बिजली निगमों की विजिलेंस के निदेशक कुलदीप सिंह सिहाग ने कहा कि भविष्य में भी बिजली चोरी के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। हरियाणा के सभी 8 बिजली-पानी थाने चोरी रोकने में बेहतर कार्य कर रहे हैं। गत 7 एवं 13 अप्रैल को फरीदाबाद बिजली पानी थाने द्वारा दो औद्योगिक इकाईयों के खिलाफ कार्यवाई करके कुल 1,05,11,396 रुपये की जुर्माना राशि तय की है। पुलिस अधीक्षक सुमेर सिंह ने कहा कि यह विजिलेंस विंग के लिए बड़ी उपलब्धि है। विजिलेंस के एसई मोहम्मद इकबाल ने कहा कि चोरी रोकने के लिए जनता को भी आगे आना चाहिए।