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टीकाकरण : पंचकूला में 2070 को लगाई गई कोविशील्ड, 184 बुजुर्गों ने भी लगाया टीका

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पंचकूला। कोरोना के खौफ का हर तरफ असर है। इसी कड़ी में हाईकोर्ट के निर्देश पर जिला अदालत में कामकाज करीब एक माह से बंद है। सिर्फ जमानतों और जरूरी रुटीन कामों को निपटाने के लिए केस की अदालत में वर्चुअल सुनवाई हो रही है। इस तरह आंकड़ों पर गौर करें तो जिला अदालत में 26 हजार मुकदमों की सुनवाई लगातार टल रही है। इस वजह से लोगों को न्याय के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। जिला अदालत में अधिकतर मामलों की सुनवाई बंद है। इस समय न्यायिक अधिकारी जमानत, पुलिस रिमांड, रुटीन के जरूरी आवेदन, धारा-164 के बयान, 82/83 आदेश, गाड़ी रिलीज आदि आवेदनों की वर्चुअल सुनवाई करते हैं। बाकी मुकदमों में ट्रायल, साक्ष्य, पेशी या गवाही पेशी के लिए लगातार तारीखें नियत कर दी जा रही हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज कुमार गौड़ ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश पर दीवानी मुकदमों के ट्रायल नहीं हो रहे, यह अधिवक्ता के हित में लिया गया निर्णय है। जेलों से बंदी भी नहीं आ पा रहे थे, इसलिए मुकदमों के ट्रायल नहीं हो पा रहे हैं।
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छह अधिवक्ताओं का देहांत हुआ
पंचकूला जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश कादियान ने बताया कि कोरोना के चलते डेढ़ साल में छह वकीलों का देहांत हो चुका है। इसमें 40 वकीलों के संक्रमित होने की बात सामने आई थी। वकीलों के हित में फैसला लिया गया है। वकीलों की परेशानी बढ़ गई है। उन्होंने दुख प्रकट कर कहा कि वकीलों के देहांत के बाद बार काउंसिल की तरफ से भी अभी तक कोई मुआवजा नहीं मिला है। इस तरह के हालात में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार की तरफ से कोई वकीलों की मौत पर मुआवजा का प्रावधान नहीं है। वहीं वकीलों की तरफ से लिए गए लोन की अदायगी भी सही तरीके से नहीं हो रही है। वकीलों को किश्तों को भरने में तमाम प्रकार की समस्या आ रही है।
न्यायालयों का संचालन
पंचकूला जिला अदालत में 14 कोर्ट हैं। इसमें एक जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दो अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दो सीबीआई की विशेष अदालतें, एक सीजीएम कोर्ट, एक फैमिली कोर्ट और सात सिविल मामले की सुनवाई की कोर्ट है। पंचकूला जिला बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट एडवोकेट सतीश कादियान ने बताया कि दीवानी में जमानत व जरूरी रुटीन काम वर्चुअल कराए जा रहे हैं। वहीं, सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार 7 साल से कम सजा वाले बंदियों को जिला जज के निर्देशन में लगातार रिहा किया जा रहा है।
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ये हैं मुकदमों के आंकड़े
- 16,500 मुकदमे फौजदारी के लंबित
- 3000 मुकदमे सिविल प्रकरण
- 4500 ट्रैफिक चालान के मामले
- 1500 मुकदमे पारिवारिक वाद के
- 500 मुकदमे प्रॉपर्टी विवाद के
इन महत्वपूर्ण प्रकरणों में सुनवाई टली
- सीबीआई की विशेष अदालत में रंजीत सिंह हत्याकांड का मामला
- पंचकूला प्लाट आवंटन मामले की सुनवाई टली
- एजेएल प्लाट आवंटन मामले की सुनवाई
- मोरनी गैंगरेप केस की सुनवाई
- खटौली हत्याकांड में चार लोगों की हत्या के मामले की सुनवाई
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