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Panchkula News: खन्ना नगर काउंसिल की मीटिंग-दूध डेयरियों को शहर से बाहर करने और सीवरेज की सफाई पर हंगामा

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संवाद न्यूज एजेंसी
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खन्ना। नगर काउंसिल खन्ना की सोमवार हुई बैठक हंगामेदार रही। इस बैठक में दूध डेयरियों को शहर से बाहर करवाने और सीवरेज की सफाई पर जबरदस्त हंगामा हो गया। इस बैठक की शुरुआत पहलगाम में हुए आतंकी हमले और वार्ड नंबर 33 से पार्षद राखी अरोड़ा के ससुर के देहांत पर मौन रखकर की गई।

जैसे ही बैठक शुरू हुई तो पार्षदों ने सीवरेज इंचार्ज सविता जोशी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। पार्षद रूबी भाटिया ने कहा कि उनके वार्ड में सफाई कर्मचारी गैरहाजिर रहते हैं फिर भी उनकी हाजिरी कैसे लगाई जा रही है। जबकि वार्ड में सफाई का बुरा हाल है। वार्ड नंबर-5 से पार्षद रीटा रानी ने सविता जोशी द्वारा फोन न उठाने का आरोप लगाया। वार्ड नंबर 14 से पार्षद सोनू घई ने कहा कि उनके वार्ड में हर वक्त सीवरेज के गंदे पानी के खड़े रहने के कारण वार्ड में सात लोगों की कैंसर के कारण मौत हो चुकी है। जिनमें से एक 35 साल का व्यक्ति शामिल है। इसका जिम्मेदार कौन है, लेकिन इसका अब तक कोई जवाब नहीं मिला। इस बारे में नगर काउंसिल अध्यक्ष कमलजीत सिंह ने कहा कि सविता जोशी को दो बड़े काम दिए गए थे जो कि सही ढंग से नहीं हो पा रहे हैं। उन्होंने ईओ चरणजीत सिंह से उनकी जगह किसी अन्य अधिकारी को यह काम सौंपने को कहा।
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आप पार्षद सुख मंजीत सिंह ने शहर के अंदर दूध की डेयरी को बाहर निकलने का मुद्दा उठाया, उन्होंने प्रधान व ईओ से कहा कि इन डेयरी की वजह से शहर में गंदगी फैल रही है लोगों को भारी बीमारियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कोर्ट का आदेश है कि डेयरियां शहर से बाहर होगी तो बाहर क्यों नहीं निकली गई, इस पर पार्षद गौरव विजन जो खुद एक डेयरी व्यापारी है। उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि आप बताइए कि शहर से बाहर कौन सी जगह हमें प्रशासन ने दी है, जो टर्म एंड कंडीशन है, वह पूरा कीजिए हम शहर से बाहर ले जाएंगे, कुछ वक्त दोनों में तीखी नोकझोंक भी हुई जिसे बाद में अन्य पार्षदों ने चुप करवा दिया।





करोड़ों की इंटरलॉकिंग टाइल गायब- सुनील कुमार नीटा




इस बैठक में पार्षद सुनील कुमार नीटा ने कहा कि जिस तरह काउंसिल खन्ना की तरफ से करोड़ों के काम के 52 प्रतिशत से ज्यादा तक टेंडर खोले गए हैं, इस पर 18 फीसदी जीएसटी के अलावा अन्य खर्चे भी किए। क्या ऐसे काम की गुणवत्ता सही होगी। इस बात पर एमई मुकेश राय ने कहा कि हम काम की गुणवत्ता की जांच करने के बाद ही ठेकेदार को काम के पैसे देंगे।
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पार्षद सुनील कुमार नीटा ने करीब 20 लाख पुरानी इंटरलॉकिंग टाइलों के गायब होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि शहर में जब सीवरेज डाला गया उस समय पुरानी टाइलें निकाली गई थी, वह टाइलें कहां है, जिनका मूल्य करीब एक करोड़ के आसपास है। जिसकी जांच की जानी चाहिए। इस पर ईओ चरणजीत सिंह ने कहा कि हम इसकी जांच करेंगे।
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