कालका के पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई के विरोध में धरना शुरू कर दिया और नारेबाजी की। कांग्रेस की मांग है कि पुलिस रोके गए पार्षदों को रोके जाने का आधार स्पष्ट करे और उनकी वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दे।
राजस्थान के तिजारा नगर परिषद में सभापति पद के लिए सोमवार को होने वाले मतदान से कुछ घंटे पहले हरियाणा में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।
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कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि हिमाचल प्रदेश से लौट रहे कांग्रेस समर्थित 18 पार्षदों को रविवार रात चंडीमंदिर-सूरजपुर टोल प्लाजा के पास पुलिस ने रोक लिया। इस घटना के विरोध में कांग्रेस नेताओं और पार्षदों के परिजन पिंजौर थाने पहुंचे और धरना लगा दिया।
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कालका के पूर्व विधायक प्रदीप चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई के विरोध में धरना शुरू कर दिया और नारेबाजी की। कांग्रेस की मांग है कि पुलिस रोके गए पार्षदों को रोके जाने का आधार स्पष्ट करे और उनकी वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दे।
सूरजपुर टोल पर रोके जाने का दावा
कांग्रेस का दावा है कि रविवार रात को चंडीमंदिर-सूरजपुर टोल प्लाजा के पास पुलिस ने कांग्रेस समर्थित 18 पार्षदों की बस और अन्य गाड़ियों को रोका। यह घटना तिजारा नगर परिषद में सभापति पद के लिए होने वाले मतदान से ठीक पहले हुई है, जिससे राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
चुनाव से पहले बढ़ी हलचल
तिजारा नगर परिषद में सभापति पद के लिए सोमवार को मतदान होना है। मतदान से पहले कांग्रेस द्वारा अपने पार्षदों को रोके जाने के आरोप ने इस चुनाव को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह कार्रवाई उन्हें चुनाव प्रभावित करने के उद्देश्य से की गई है।