तेजस्विनी की मां हर्ष शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मार्मिक अपील की है कि वह देश और प्रदेश में ऐसी बच्चियों के लिए ठोस और मजबूत कदम उठाकर उन्हें मुख्यधारा में लाने का प्रयास करें।
हर्ष शर्मा ने अपना संपूर्ण जीवन अपनी 90 फीसदी दिव्यांग बेटी तेजस्विनी के तेज को परखकर सोना बनाने में लगा दिया। तेजस्विनी को अपने से अलग नहीं होने दिया, परवरिश करके उसे बेहतरीन भजन गायिका बना दिया। सेक्टर-7 की रहने वाली 37 वर्षीय तेजस्विनी शर्मा भजन गायिका हैं, वह अपनी कला के बल पर राष्ट्रीय अवार्ड भी हासिल कर चुकी हैं। मगर तेजस्विनी के मन और मस्तिष्क में इस कला को भरने वाली उनकी मां हर्ष शर्मा हैं।
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अब हर्ष शर्मा को संयुक्त राष्ट्र सम्मानित करने जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र की इंडियन एंबेसी में तेजस्विनी को भी भजन गाने का अवसर मिलेगा। यह सम्मान हर्ष शर्मा को संयुक्त राष्ट्र द्वारा महिला दिवस के अवसर पर दिया जाएगा। इसके लिए संयुक्त राष्ट्र ने हर्ष शर्मा को सपरिवार बुलाया है।
तेजस्विनी की मां हर्ष शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मार्मिक अपील की है कि वह देश और प्रदेश में ऐसी बच्चियों के लिए ठोस और मजबूत कदम उठाकर उन्हें मुख्यधारा में लाने का प्रयास करें।
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तेजस्विनी का जन्म जुलाई 1986 में हुआ। मानसिक मंदता से ग्रस्त होने के चलते उनकी मां हर्ष शर्मा ने बेहतर तरीके से न केवल उनकी परवरिश की, बल्कि उसके कानों तक भजनों को पहुंचाने में भी मदद की। लिहाजा एक दिन ऐसा आया, जब उसकी बिना देखे, बिना लिखे, बिना पढ़े मां से भजन सुन-सुनकर पूरा भजन गाने लगी।