अब पशु मालिकों अपने पशु लावारिस हालत में छोड़ना भारी पड़ेगा। लावारिस पशुुओं को पकड़ने के लिए नगर निगम सोमवार से व्यापक अभियान चलाएगा।
इसके तहत सभी सेक्टर की सड़कों पर घूमने वाले पशुुओं को पकड़कर गोशाला में ले जाया जाएगा। ताकि, सड़कों पर पशुओं की वजह से हादसों से बचा जा सके।
अगले 14 दिनों के अंदर नगर निगम ने पूरे शहर से पशुुओं से मुक्त करने का दावा किया है। साथ ही पंजाब और यूटी, चंडीगढ़ के सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले पशु मालिकों को भी आगाह किया है कि पशुुओं को खुले में न छोड़े।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है सड़कों पर घूम रहे पशुओं को पकड़ा जाएगा। पशु को दोबारा छुड़ाने के लिए पशु मालिक को 5000 रुपये चुकाने होंगे।
पंचकूला में करीब डेढ़ हजार लावारिस पशुु हैं, लेकिन आसपास के इलाकों से भी पशुुओं को छोड़े जाने से स्थानीय लोगों की परेशानियां बढ़ जाती हैं।
इस बारे में चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला के नगर निगमों के अधिकारियों की बैठक नहीं होने की वजह से संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। इस वजह से सड़कों पर हादसे की आशंका भी लगातार बनी रहती है।
शनिवार को मुख्यमंत्री ने नए गोशाला का उद्घाटन किया, जिसमें पंचकूला से पकड़े गए पशुओं को रखा जाएगा। दो दिनों में 30 पशुओं को पकड़ा जा चुका है और 20 अक्तूबर तक शहर को लावारिस पशुओं से मुक्त करने का दावा किया जा रहा है।
दोबारा पशु छुड़ाने पर चुकाने होंगे पांच हजार
नगर निगम अधिकारियों ने पशु मालिकों से कहा वह अपने पशुओं को खुले में न छोड़े। यदि पशु दोबारा पकड़ा जाता है तो उसको गोशाला से छुड़ाने के लिए पांच हजार रुपये चुकाने होंगे।