कालका। सावधान! अगर आप शहर की सड़कों पर संभल के नहीं चले तो हादसे के शिकार हो सकते हैं। इसकी वजह शहर की सभी प्रमुुख सड़कों पर लावारिस पशुओं की भरमार है और लोग इस समस्या से बेहद परेशान हैं। जबकि इसको लेकर नगर परिषद प्रशासन कतई गंभीर नहीं है। इस कारण लोगों के साथ सड़क हादसे हो रहे हैं।
शहर के गांधी चौक से रेलवे रोड तक बने डिवाइडर पर बुधवार को दोपहर में कतार में कई लावारिस पशु चल रहे थे और सड़क के दोनों लेन पर राहगीरों की आवाजाही थी। अचानक एक लावारिस पशु सड़क पर उतर आया और बाइक पर सवार दो लोग हादसे का शिकार होने से बाल बाल बच गए। वहीं, पैदल चलने वाले राहगीरों पर भी लावारिस पशु हमला कर रहे हैं। कई बार तो हालात यह हो जाते हैं कि लावारिस पशुओं के कारण जाम लग जाता है। रात में स्थिति और भी विकट हो जाती है, क्योंकि मुख्य मार्ग पर लावारिस पशुओं के बैठने के कारण कई बार वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त होकर चोटिल हो चुके हैं। लोगों का कहना है कि पिछले लंबे समय से नगर परिषद प्रशासन की ओर से कोई ड्राइव नहीं चलाने के कारण जगह-जगह इन पशुओं ने डेरा जमा रखा है। लोगों ने नगर परिषद प्रशासन से अभियान चलाकर सड़कों को लावारिस पशुओं से मुक्त करवाने की मांग की है।
इन क्षेत्रों में ज्यादा घूमते हैं लावारिस पशु
शहर में जिन जगहों पर लावारिस पशु ज्यादा घूमते हैं, इनमें कालका स्टेडियम के नजदीक सड़क पर, कालका-परवाणू बैरियर वाली सड़क, गांधी चौक, रामबाग रोड पर बने पुल, रेलवे रोड, गलियों और चौराहों सहित जगह-जगह लावारिस पशुओं की भरमार देखी जा सकती है। इसके अलावा शहर की कॉलोनियों में दिनभर लावारिस पशु झुंड बनाकर घूमते रहते हैं। इन पशुओं की संख्या सुबह और शाम के समय ज्यादा हो जाती है। चौराहों या सड़क से गुजरने वाले वाहनों के हॉर्न से कई बार यह पशु बिदकर वाहनों के बीच से दौड़ने लगते हैं। अगर समय रहते शहर की प्रमुख सड़कों और चौराहों से इन पशुओं को नहीं हटाया गया तो किसी दिन किसी के भी साथ बड़ा हादसा हो सकता है। पिछले दिनों पहले श्री काली माता मंदिर रोड पर भी दो सांड आपस में लड़ रहे थे, इनके कारण एक बाइक चालक उनकी चपेट में आ गया और उसकी बाइक सड़क के बीच में ही गिर गई और चालक ने एक और भागकर जैसे-तैसे अपनी जान बचाई।
लावारिस पशुओं से परेशान शहरवासी
स्पेशल ड्राइव चलाई जाए
शहर में जगह-जगह घूमते लावारिस पशु हादसों को न्योता दे रहे हैं। कई बार देखा गया है कि सड़क पर वाहनों के सामने अचानक से पशु आ जाते हैं। उन्हें बचाने के चक्कर में वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। प्रशासन को जल्द ही कोई स्पेशल ड्राइव चलाकर लोगों की इस समस्या का समाधान करना चाहिए। - मीनाक्षी सोनकर, स्थानीय निवासी
वाहन चालकों पर करे हैं हमला
कई बार लावारिस पशुओं ने राहगीरों और वाहन चालकों पर हमला करके उन्हें चोटिल कर दिया, लेकिन प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है। क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। प्रशासन को चाहिए कि जल्द कोई अभियान चलाकर शहरवासियों को लावारिस पशुओं की समस्या से निजात दिलवाई जाए। - सुनील कुमार उर्फ बॉबी, स्थानीय निवासी
टेंडर के बाद चलाएंगे स्पेशल ड्राइव
पिछले कुछ महीनों में स्पेशल ड्राइव चलाने के लिए दो बार टेंडर कॉल किए गए हैं, लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला। इस कारण कुछ समय लग रहा है। कुछ दिन पहले दोबारा से टेंडर लगाया गया है। टेंडर होने के बाद स्पेशल ड्राइव चलवाकर शहरवासियों को सड़कों पर घूमते लावारिस पशुओं की समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा। नगर परिषद शहरवासियों को बेहतर सुविधा देने के लिए हर समय प्रयासरत है। -मदन लाल, चीफ सेनेटरी इंस्पेक्टर, नगर परिषद, कालका।