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पिंजौर के जटायु सेंटर से छोड़े गए दो गिद्ध, केंद्रीय मंत्री मौजूद रहे

Sat, 04 Jun 2016 01:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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पिंजौर के जटायु सेंटर से छोड़े गए दो गिद्ध - फोटो : अमर उजाला
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पिंजौर स्थित जटायु संरक्षण और प्रजनन केंद्र से शुक्रवार को दो गिद्धों को रिलीज किया गया। हरियाणा सरकार के इस केंद्र से गिद्धों को केंद्रीय वन, पर्यावरण और जलवायु मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और हरियाणा के वनमंत्री राव नरबीर सिंह ने रिलीज किया।
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पंद्रह वर्ष में पहली बार इन गिद्धों को पर्यावरण में स्वच्छंद विचरण के लिए रिलीज किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने इस मौके पर एक वर्ष के दो गिद्धों की साफ्ट रिलीज की। उन्होंने इस मौके पर मध्य  प्रदेश से आई टीम को 10 गिद्ध भेंट किए।

इसी के साथ मध्य प्रदेश के प्रजनन केंद्र में गिद्धों की संख्या 30 हो गई है। एशिया के इस एकमात्र बड़े सेंटर के माध्यम से गिद्धों की  प्रजाति को अगले दस वर्ष में दोबारा 4 करोड़ के आंकड़े तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस मौके पर फारेस्ट विभाग द्वारा एक प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया। 
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 केंद्रीय मंत्री ने इस मौके पर एक गिद्ध के पैरों में रिंग बांधी और गिद्ध का नामकरण भी किया गया। इसका नाम जोध सिंह रखा गया। उन्होंने हरियाणा सरकार, बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सेंटर व अन्य  एनजीओ को भी इस प्रयास को सफल बनाने के लिए बधाई दी। 

मंत्री प्रकाश जावेडकर ने कहा कि केंद्र सरकार लुप्त होती प्रजातियों को बचाने के लिए सख्त कानून  बना रही है। सरकार जंगलों को बचाने के लिए जल्द कृषि वानिकी को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि जंगल का क्षेत्र 20 फीसदी से 33 फीसदी करने का टारगेट है। 

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि स्वच्छता के जनक को बचाने में सफलता हासिल करने के साथ अन्य प्रदेशों के शोध केन्द्रों में पहुंचाने में भी पिंजौर केंद्र अहम भूमिका निभा रहा है। हरियाणा के मांगन बणी क्षेत्र की वन भूमि को बचाने के लिए सरकार ने कड़े नियम लागू किए है।

मोरनी में हर्बल  फारेस्ट का प्रारूप तैयार कर लिया गया है ओर इसे बनाने का काम जल्द ही शुरू किया जाएगा। इस मौके पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक अमरेंद्र कौर और वन विभाग के अन्य अधिकारी के साथ प्रशासनिक  अधिकारी भी मौजूद थे। 
 
पर्यावरण दिवस की थीम वन्य जीवों का संरक्षण
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पांच जून को पर्यावरण दिवस का थीम वन्य जीवों का संरक्षण विषय पर है। इस थीम को पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर पूरा करने में एक कदम जो केंद्र और राज्य सरकार ने बढ़ाया है, इसके दूरगामी सकारात्मक परिणाम  निकल कर आएंगे।

सरकार 42 करोड़ के फंड में से कुछ राशि लुप्त हो रही प्रजातियों को बचाने के लिए खर्च करेगी। अन्य लुप्त होती प्रजातियों को बचाने के लिए अनुसंधान केंद्र खोले जा रहे हैं। देश में करीब तीन करोड़ हेक्टेयर ऐसा वन क्षेत्र है जहां पौधों की संख्या कम है, उसे पब्लिक प्राईवेट पार्टनरशिप के द्वारा विकसित करने  की योजना बनाई जा रही है।

इस अवसर पर वन एवं वन्य प्राणी मंत्री राव नरबीर सिंह के अलावा विधायक ज्ञानचंद गुप्ता, विधायक लतिका शर्मा, वन एवं वन्य प्राणी विभाग के प्रधान सचिव अमित झा, वन विभाग की चीफ कंजर्वेटर अमरिंदर कौर, उपायुक्त डॉ. गरिमा मित्तल, उपायुक्त पुलिस अंबाला पुलिस आयुक्त आरके मिश्रा, पुलिस उपायुक्त अनिल धवन, भाजपा के जिला प्रधान दीपक शर्मा, जिलापरिषद चेयरमैन रितु सिंगला, महामंत्री वरिंदर राणा, संजीव कौशल, विजय कालिया के अलावा वन विभाग केके वरिष्ठ उपस्थित थे।


एचएमटी कार्मिक संघ ने सौंपा ज्ञापन
गिद्ध प्रजनन केंद्र में पहुंचे सीएम मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को एचएमटी कार्मिक संघ के पदाधिकारियों ने लंबित सैलरी रिलीज करने और एचएमटी कंपनी की वर्तमान स्थिति से अवगत करवाने के लिए ज्ञापन सौंपा। संघ के प्रधान महिंद्र सिंह ने बताया कि कंपनी की ट्रैक्टर यूनिट को विगत 22 महीनों से और कंपनी के मशीन टूल यूनिट को 11 महीने का वेतन लंबित है जिसके चलते कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई है।
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