पंचकूला। कर्ज के रुपये लौटाने के बावजूद ब्लैंक चेक पर कार लोन लेकर धोखाधड़ी करने और एफआईआर से नाम हटवाने का झांसा देकर 20 लाख रुपये ऐंठने के मामले में पंचकूला पुलिस ने अनिल भल्ला और उसके बेटे आकाश के खिलाफ दो और केस दर्ज किए हैं। इसके साथ ही बीते एक सप्ताह में अवैध वसूली गिरोह के सरगना फाइनेंसर अनिल भल्ला समेत अन्य के खिलाफ कुल आठ केस दर्ज हो गए हैं।
सेक्टर-21 निवासी शिकायतकर्ता पूनम सूद ने मंगलवार रात पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि 2018 में उनके पिता ने अनिल और आकाश भल्ला से लाखों रुपये कर्ज लिए थे। इसके बदले भल्ला ने उनके पति से ब्लैंक चेक लिया था। धीरे-धीरे कुछ सालों में उनके पति और ससुर ने रुपये लौटा दिए लेकिन भल्ला ने ब्लैंक चेक नहीं लौटाया। बाद में ब्लैंक चेक के जरिए उसने उनके पति के नाम पर थार गाड़ी लोन पर लेकर अपने किसी दोस्त को दे दी। किस्त जमा न होने पर बैंक कर्मियों ने तगादा शुरू कर दिया और उन्हें धमकी दी जाने लगी। इस पर उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस में दी। शिकायत के आधार पर सेक्टर-5 थाना पुलिस ने धारा 406 और 420 के तहत केस दर्ज किया है।
एफआईआर में नाम ही नहीं था, हटवाने के लिए ऐंठ लिए 20 लाख
उधर, एलआईसी में काम करने वाले फतेहाबाद निवासी प्रमोद बजाज ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2016 में चंडीगढ़ सेक्टर-46 में मकान खरीदने की योजना बनाई। सोहन लाल नाम के व्यक्ति के साथ मकान की डील 60 लाख रुपये में तय हुई और उन्होंने 50 लाख रुपये का बयाना दे दिया। बाकी की रकम रजिस्ट्री के समय देनी थी लेकिन इस बीच मकान मालिक सोहन लाल ने आत्महत्या कर ली। उनको सेक्टर-20 निवासी अमरजीत गर्ग से पता चला कि सोहन लाल की आत्महत्या के मामले में परिजनों ने प्रमोद और उनके भांजे शुभम के खिलाफ चंडीगढ़ के एक थाने में प्रताड़ना का केस दर्ज कराया है। यह सुनकर प्रमोद परेशान हो गए। अमरजीत गर्ग ने उन्हें बुलाया और कहा कि एफआईआर से नाम हटवाने में अनिल भल्ला और चंडीगढ़ के वकील एनके नंदा उनकी मदद कर सकते हैं। बाद में अमरजीत ने प्रमोद को अनिल भल्ला और नंदा से मिलवाया। उन्होंने इसके लिए 20 लाख रुपये मांगे। प्रमोद ने तीन से चार किस्तों में वर्ष 2016-2017 के बीच रुपये दे दिए। इस बीच चंडीगढ़ पुलिस ने प्रमोद से पूछताछ की और उन्हें एफआईआर की कॉपी दिखाई तो पता चला कि उसमें तो उनका नाम ही नहीं था। प्रमोद ने आरोपियों से रुपये वापस मांगे लेकिन उन्होंने जान से मारने की धमकी देकर उनका फोन नंबर ब्लॉक कर दिया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने आरोपियों के खिलाफ सेक्टर-5 थाने में शिकायत दी। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धारा 384, 120बी, 420 और 506 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
26 मई के बाद से भल्ला और अन्य पर दर्ज केस
-26 मई : अवैध वसूली मामले में सेक्टर-4 निवासी संजीव गर्ग की शिकायत पर अनिल भल्ला, नरेंद्र खिल्लन, एएसआई गुरमेज सिंह, आकाश भल्ला के खिलाफ अवैध वसूली का केस दर्ज हुआ।
-27 मई : अवैध वसूली केस दर्ज होने के बाद चौकी इंचार्ज गुरमेज सिंह और ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर मामला दर्ज किया गया।
-28 मई : शिकायतकर्ता संजीव गर्ग को धमकी देने के मामले में अनिल भल्ला के बेटे साहिल भल्ला और नरेंद्र खिल्लन के बेटे मोहित खिल्लन के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया।
- 28 मई : सेक्टर-4 निवासी महिला की शिकायत पर अनिल भल्ला, आकाश भल्ला, गगन अरोड़ा, आदित्य दत्त के खिलाफ चेक चोरी करके रकम निकालकर धोखाधड़ी के मामले में सेक्टर-20 थाना पुलिस ने केस दर्ज किया।
- 30 मई को पुलिस ने अवैध वसूली के मामले में दबिश देकर अनिल भल्ला की पत्नी अंजू भल्ला, पुत्रवधू अंजली और उसके भाई गौरव को 4.60 करोड़ रुपये नकद, गहने, दो पिस्टल और अफीम के साथ गिरफ्तार कर इनके खिलाफ केस दर्ज किया।
- 31 मई : सेक्टर-20 थाना पुलिस ने झूठे केस में फंसाने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में अनिल भल्ला, संदीप सिंगला, नवीन कुमार और नितिन नागपाल के खिलाफ केस दर्ज किया।
एक शिकायतकर्ता को पुलिस ने दी सुरक्षा
बता दें कि 26 मई को अनिल भल्ला और उसके साथी नरेंद्र खिल्लन के खिलाफ अवैध रूप से वसूली करने की शिकायत संजीव गर्ग ने पुलिस को दी थी। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद दोनों आरोपियों के बेटों साहिल भल्ला और मोहित खिल्लन ने शिकायतकर्ता को धमकी दी थी, जिसके बाद पंचकूला पुलिस ने शिकायतकर्ता संजीव गर्ग को सुरक्षा मुहैया करवाई है जबकि धमकी देने वाले दोनों आरोपियों के बेटे जेल में ही हैं।