पंचकूला। औद्योगिक क्षेत्र एचएसआईआईडीसी अलीपुर बरवाला के उद्योगपतियों से टैक्स दो विभाग वसूल रहे हैं, लेकिन विकास करने की तरफ कोई ध्यान नहीं देता। औद्योगिक क्षेत्र की सड़क, सीवरेज, सफाई, स्ट्रीट लाइटें खराब रहती हैं। चोरों ने भी इंडस्ट्री में उत्पात मचा रखा है। एक तरफ तो उन पर कोरोना की मार पड़ रही है और कामकाज ठप है। अधिकतर मजदूर अपने-अपने प्रदेश को चले गए हैं, जिस कारण फैक्ट्रियां भी कम ही चल नहीं रही है। जब भी उद्योगपति अपनी मांगों को उठाते हैं तो अधिकारी एक-दूसरे पर पल्ला झाड़ देते हैं।
औद्योगिक क्षेत्र अलीपुर इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान विक्रम कत्याल के मुताबिक एचएसआईआईडीसी द्वारा उन्हें मेंटेनेंस चार्जेंज के नाम पर हजारों रुपये के नोटिस भेजे जा रहे हैं। एक तरफ निगम उनसे प्रॉपर्टी टैक्स वसूल करता है, दूसरी तरफ एचएसआईअईडीसी मेंटेनेंस चार्जेस लेता है। सुविधा के नाम पर कुछ भी नजर नहीं आता है। उद्योगपतियों से प्रॉपर्टी टैक्स निगम वसूल कर रहा है तो सुविधाओं की भी व्यवस्था करे। एचएसआईआईडीसी की कार्यप्रणाली से परेशान थे, उम्मीद थी कि निगम में शामिल होने से कुछ राहत मिलेगी, लेकिन निगम में शामिल होने के बाद प्रॉपर्टी टैक्स का अतिरिक्त बोझ पड़ गया है। उद्योगपति प्रवीण चौधरी ने बताया कि उद्योगपतियों के हितों को ध्यान में रखकर इसकी देखभाल किसी एक संस्था को दी जाए, जो पूरी जिम्मेदारी से काम करे और उद्योगपतियों को भी दोहरी मार से राहत मिले। उद्योगपति कृष्ण कुमार के मुताबिक चोर फैक्ट्रियों के ताले तोड़कर समान पर अपने हाथ साफ कर रहे हैं। दिन में बंदर सामान इधर-उधर फेंक देते हैं, जिससे यहां काफी परेशानी होती है। औद्योगिक क्षेत्र में बिजली का बार-बार आना-जाना लगा रहता है। बार-बार फोन करने पर भी कोई फोन नहीं उठाता है। लॉकडाउन में बिजली के मीटरों से भी छेड़छाड़ होती रहती है। उद्योगपति रजनीश गर्ग ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस की गश्त विशेषकर रात को बढ़ाने के लिए उचित प्रबंध किए जाएं, ताकि जो नशेड़ी लोग यहां पर आकर फैक्ट्रियों के ताले तोड़ते हैं, और चोरियां करते हैं, उन पर नकेल कसी जाए और उद्योगपति आराम से अपना काम कर सकें। उद्योगपतियों को घाटे का सामना करना पड़े या फिर यहां से कहीं और पलायन करना पड़ेगा।