पिंजौर। शिमला-जीरकपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के पिंजौर-कालका बाईपास पर देर रात रिकवरी वैन के सहायक की ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई। रिकवरी वैन अनियंत्रित होकर पलटी दो गाड़ियों को टोचन करने पहुंची थी। हादसा वीरवार रात करीब दस बजे हुआ। इससे पहले ट्रक ने पुलिस की क्यूआरटी बाइक को टक्कर मारकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया।
स्थानीय लोगों के अनुसार वीरवार शाम पिंजौर मल्लाह चौक ट्रैफिक लाइट से करीब आधा किलोमीटर दूर रोड की रिकारपेटिंग की जानी थी। इसलिए सड़क को खुरच दिया गया था। इसी दौरान शिमला की तरफ से एक इनोवा जैसे ही यहां पहुंची तो अनियंत्रित होकर पलट गई। इसके थोड़ी देर बाद दूसरी कार भी अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। पुलिस को दी शिकायत में ओमप्रकाश जिला नैनीताल उत्तराखंड फिलहाल मोटर मार्केट मनीमाजरा चंडीगढ़ निवासी ने बताया कि वे 15 साल से रिकवरी वैन चला रहे हैं। उसके पास वीरवार की रात करीब साढ़े 9 बजे फोन आया कि एक इनोवा पलट गई है। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह और उसके साथ हेल्पर शिव बहादुर फेज-1 औद्योगिक क्षेत्र चंडीगढ़ मौके पर पहुंचे। हेल्पर शिव बहादुर इनोवा को सीधा करने के लिए टोचन कर रहा था। इसी दौरान हिमाचल प्रदेश की तरफ से आते ट्रक ने मौके पर खड़ी पुलिस की क्यूआरटी बाइक को टक्कर मारकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद अनियंत्रित ट्रक ने हेल्पर शिव बहादुर को टक्कर मारी दी। टक्कर लगते ही शिव बहादुर घायल हो गया। पुलिस ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
शुक्रवार की सुबह फिर हुआ हादसा
शुक्रवार की सुबह उसी जगह तकरीब 11 बजे हिमाचल प्रदेश की तरफ से आती एक कार ने अनियंत्रित होकर स्कूटी को टक्कर मार दी। इसके बाद कार डिवाइडर से टकरा कर क्षतिग्रस्त हो गई। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि हादसे का कारण नेशनल हाईवे अथॉरिटी की लापरवाही है। उन्होंने रोड को रिकारपेटिंग के लिए खुरच तो दिया परंतु वहां किसी तरह का साइन बोर्ड नहीं लगाया है। इसके अलावा वहां मोड़ भी है। हिमाचल प्रदेश की ओर से गाड़ियां जब अचानक इस खुरचे रोड पर पहुंचती हैं तो अनियंत्रित हो जाती हैं। इसके अलावा रोड पर बजरी भी बिखरी पड़ी है। उन्होंने प्रशासन और हाईवे अथॉरिटी से मांग की है कि इस जगह पर सुरक्षा के मद्देनजर साइन बोर्ड लगाया जाए, ताकि वाहन चालक दुर्घटना का शिकार न हों।
कोट
दुर्घटना का कारण गाड़ियों की ओवरस्पीड हो सकती है। फिलहाल बैरिकेडिंग करवा दी गई है। -सुभाष चंदर, मैनेजर, टोल प्लॉजा चंडीमंदिर।