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परेशानी : शहर को 15 साल से है सॉफ्टवेयर टेक्नालॉजी पार्क के निर्माण का इंतजार, रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

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पंचकूला। 15 साल से सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) का इंतजार है। इसका निर्माण सेक्टर-22 में होना है, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई कार्य नहीं हुआ है। जबकि, हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रीज इंफ्रास्ट्रक्चर कारपोरेशन दिसंबर 2019 को एसटीपीआई नोएडा को जमीन सौंप दी थी। इसका दो साल में निर्माण करना था। सेक्टर-16 रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव सुभाष पपनेजा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर बताया कि केंद्रीय संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने 27 फरवरी 2016 को पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित इंद्रधनुष आडिटोरियम में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) का एक सेंटर खोलने की घोषणा की थी। अब तक इस पर काम शुरू नहीं हुआ है। इसलिए इसका काम जल्द शुरू करवाया जाए।
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सुभाष पपनेजा ने मुख्यमंत्री को लिखा है कि एसटीपीआई देश से सॉफ्टवेयर निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के तहत एक स्वायत्त संस्था है। आईटी निर्यात गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए आईटी इकाइयों को एक छत के नीचे इनक्यूबेशन और डाटा संचार सुविधाएं उपलब्ध करवाता है। इसके खुलने से पंचकूला के लोगों को फायदा होगा, क्योंकि चंडीगढ़ और मोहाली में आईटी सेक्टर है और 15 सालों में पंचकूला को आईटी हब बनाने को लेकर नजरअंदाज किया जा रहा था।
सेक्टर-22 आईटी पार्क में 14.91 करोड़ में एचएसआईआईडीसी से खरीदी 8049.71 वर्ग मीटर जमीन एक रुपये प्रतिवर्ष की दर से 99 वर्ष के लिए एसटीपीआई नोएडा को देने का प्रस्ताव हरियाणा मंत्रिमंडल ने स्वीकृत किया था। एसटीपीआई आईटी ऑफिस स्पेस, हाई स्पीड डाटा कनेक्टिविटी, डाटा सेंटर, सॉफ्टवेयर और सेवाओं के निर्यात के लिए आवश्यक अन्य सुविधाएं सृजित करेगा। एसटीपीआई कार्यालय परिसर, नेटवर्क ऑपरेशन सेंटर, फिनिशिंग स्कूल, प्लग-एन-प्ले फेसिलिटी इनक्यूबेशन और रॉ इनक्यूबेशन स्पेस शामिल होगा। एसटीपीआई-इनक्यूबेशन सेंटर स्टार्टअप के लिए एक केंद्रीकृत सुविधा होगी और यह सुनिश्चित करेगा कि उभरते स्टार्टअप के लिए परामर्श से लेकर वित्तपोषण तक प्रासंगिक पारिस्थितिकी तंत्र उपलब्ध हो। स्टार्टअप की आवश्यक सहायता सेवा के साथ आधुनिक बुनियादी ढांचे तक पहुंच होगी।
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