माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। शहर के सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में भले ही सुविधा के बड़े बड़े दावे किए जा रहे हैं लेकिन मरीजों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। एक्सरे मशीन का ट्रांसफार्मर जलने के कारण लोगों को चार घंटे इंतजार करना पड़ा। तीन मशीन होने के बावजूद लोग घंटों लाइन में लगे रहे। जानकारी के अनुसार एक मशीन का ट्रांसफार्मर फूंकने से दूसरी मशीन पर लोड पड़ गया। एक मशीन पहले से खराब चल रही है। बुधवार सुबह से लाइन में लगे लोगोें को शाम तक इंतजार करना पड़ा।
दूसरी तरफ मरीजों का दबाव बढ़ने के कारण अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों को एक माह से अधिक की डेट दी जा रही है। मंगलवार को क्षमता से अधिक एक्सरे करने के कारण मशीन का ट्रांसफार्मर जल गया था। मंगलवार रात को इंजीनियर तीन घंटे काम में जुटे रहे, इसके बावजूद मशीन ठीक नहीं हो पाई। बुधवार शाम को मशीन ठीक होने के बाद लोगों ने राहत की सांसा ली।
रोजाना होते हैं तीन सौ एक्सरे
सिविल अस्पताल सेक्टर-6 की हड्डी, टीबी, ईएनटी सहित अन्य ओपीडी के 300 एक्सरे रूटीन में होते हैं। इसके अलावा यहां पर सौ एक्सरे इमरजेंसी के होते हैं। इस तरह के हालात के बाद एक्सरे मशीन ओपीडी के समय में खराब होने के कारण लोग लंबी लाइनों में लगे रहे। तीन मशीनों के बाधित होने के कारण मरीजों को जमकर दिक्कत का सामना करना पड़ा है।
मशीनों का समय हो गया है पूरा
सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में अलग - अलग तरीके से एक्सरे किए जाने के तीन मशीनें हैं। तीनों मशीनें अपना निर्धारित समय दस साल पूरा कर चुकी हैं। इसके बाद भी इन्हें नई नहीं खरीदा गया है। इस कारण मरीजों को परेशानी का समाना करना पड़ रहा है। अभी तक इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई प्लानिंग नहीं की गई है।
यह कहना है मरीजों का
तीन घंटे बाद नहीं हुआ एक्सरे
तीन घंटे बाद भी एक्सरे रूम के बाहर खड़े हैं। भीड़ अधिक होने के बाद मशीन खराब है। इस कारण एक्सरे नहीं हो पाया है। पीठ का एक्सरे करवाने के लिए अब दोबारा आना पड़ेगा। - साहिल, निवासी कोट
फ्रैक्चर का पता नहीं चला
मशीन खराब होने के कारण फ्रैक्चर का पता नहीं चल पाया है। इस कारण अब डॉक्टर को दिखाने के लिए शाम की ओपीडी में आना पड़ेगा। शाम तक मशीन को ठीक करने की बात कही जा रही है। - दलविंदर सिंह निवासी सेक्टर-20
अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की मिल रही लंबी डेट
सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए भी लंबी डेट मिल रही है। इस कारण भी मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। पंचकूला सेक्टर-20 से आई सुनीता ने बताया कि उन्हें गायनी वार्ड में देखने के एक माह बाद अल्ट्रासाउंड की डेट दी गई है। इस कारण परेशानी हुई है। इमरजेंसी में मरीजों की संख्या अधिक होने के बाद लोगों को स्ट्रेचर भी नहीं मिले। स्ट्रेचर पर मरीज अधिक होने के बाद लोगों को बाहर स्ट्रेचर नहीं मिले।
एक्सरे मशीन खराब होने के बाद इंजीनियरों ने रिपेयर की है। मशीन रिपेयर होने में समय लगा। चार घंटे बाद मशीन चल गई। इसके बाद लोगों के एक्सरे हुए। -डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर-6