पहले तो स्टोन क्रशर को किराए पर लिया और उसके बाद फर्जी कागजात के दम पर करीब दो करोड़ रुपये के कीमत का क्रशर अपने नाम करा लिया। जब, असल मालिक को अपने साथ हुए धोखे का पता चला तो बात पुलिस तक पहुंची।
कई दिनों तक पुलिस जांच चलती रही और अब अंत में कोर्ट के आदेश पर तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
आरोपियों में दो लोग एक बड़े कांग्रेसी नेता के भाई हैं, जबकि तीसरा उनका साथी है।
सेक्टर-5 थाने में सेक्टर-8 निवासी दिनेश कुमार की शिकायत पर सेक्टर-2 निवासी रघुबीर चौधरी, देवीनगर निवासी बलबीर चौधरी और सेक्टर-7 निवासी संजीव कुमार के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है। फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
जानकारी के मुताबिक, सेक्टर-8 निवासी दिनेश कुमार का बुर्ज कोटियां में हरियाणा यूनाइटेड स्टोन क्रशर है। जिसे उन्होंने चौधरी एंड कंपनी को लीज पर दिया था।
चौधरी एंड कंपनी में रघुबीर चौधरी और बलबीर चौधरी मालिक हैं। 16 अक्तूबर 2007 को तीन साल के लीज तैयार हुई थी और 20 हजार रुपये प्रति माह किराया तय हुआ।
इसके बाद जब लीज खत्म हुई तो उसे अगले तीन साल के लिए बढ़ा दिया गया और अंत में जब 28 फरवरी 2013 को लीज खत्म हुई तो चौधरी एंड कंपनी ने लीज को 20 साल तक बढ़ाने का ऑफर दिया, लेकिन दिनेश ने मना कर दिया और कहा कि उसका स्टोन क्रशर वापस कर दिया जाए।
कुछ दिन निकल गए तो जून 2013 में दिनेश को पता चला कि उसका क्रशर हरियाणा पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने नियमों की अवहेलना के चलते सील कर दिया है।
जब वह बोर्ड के दफ्तर में गया तो वहां से पता चला कि क्रशर के मालिक रघुबीर और बलबीर चौधरी बन गए हैं और उन्होंने एक एफिडेविट भी बोर्ड में दिया है कि दिनेश कुमार ने क्रशर उन्हें बेच दिया है।
जबकि, दिनेश के मुताबिक उसने क्रशर बेचा नहीं था। एफिडेविट पर उसके साइन फर्जी थे। इसके बाद दिनेश ने उक्त दोनों से संपर्क किया तो उसे धमकियां दी गई। मामला पुलिस तक पहुंचा, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। अब कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज हुआ है।
आरोपियों से संपर्क करने पर मिली धमकी
पीड़ित निदेश को जब मामले की जानकारी मिली तो उन्होंने आरोपियों से संपर्क किया। इस पर आरोपी उन्हें धमकी देने लगे। जब पुलिस में शिकायत दर्ज कराने पहुंचे तो पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
इस पर पीड़ित ने कोर्ट की शरण में पहुंचा। अब, कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 420 (धोखा), 464 (फर्जी दस्तावेज बनाना), 465 (फोरजरी), 467 (कीमती अमानत की फोरजरी), 468 (धोखे के लिए फोरजरी), 471(फर्जी दस्तावेज को असल बताकर इस्तेमाल करना), 120 बी (साजिश रचना) और 506 (धमकी देना) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।