कैप्टन अमरिंदर सिंह। (फाइल फोटो)
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पंजाब में बिजली संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार से सभी दफ्तरों का समय घटाने और बिजली की अधिक खपत वाले उद्योगों की सप्लाई में तुरंत प्रभाव से कटौती करने के आदेश जारी किया है ताकि फसलों को बचाने के साथ-साथ घरेलू बिजली सप्लाई में राहत दी जा सके। अगले आदेश तक सरकारी दफ्तरों का समय सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक कर दिया गया है। हालांकि, अभी एयर कंडीशनर (एसी) के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाने का कोई भी फ़ैसला नहीं लिया है।
कैप्टन की अपील- संघर्ष खत्म कर बिजली कर्मचारी काम पर लौटें
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सभी सरकारी विभागों से अपने-अपने दफ्तरों में बिजली का सही ढंग से इस्तेमाल करने की अपील की है। सीएम ने बिजली विभाग के प्रदर्शनकारी कर्मचारियों को अपना संघर्ष ख़त्म कर काम पर लौटने की भी अपील की है, ताकि शिकायतों को तेजी से निपटाया जा सके।
उच्च स्तरीय बैठक के दौरान स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने तीन सदस्यीय समिति बनाई, जिसमें अतिरिक्त मुख्य सचिव (विकास), पीएसपीसीएल के सीएमडी और विशेष सचिव (वित्त) को शामिल किया गया है। यह समिति प्रदर्शनकारी कर्मचारियों की शिकायतों का हल करेगी।
उन्होंने कर्मचारियों को विश्वास दिलाया कि उनकी वाजिब मांगों पर विचार किया जाएगा और उचित फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की ज्यादातर मांगों जैसे एनपीएस हिस्से में वृद्धि करना, उत्पादन भत्ते को बहाल करना आदि को पहले ही मान लिया गया है और राज्य के अलग-अलग बोर्ड व निगमों द्वारा छठे वेतनमान लागू किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों से अपील की है कि कोविड महामारी के दौर में लंबे बिजली कटों के परेशान कृषि और उद्योगों के साथ-साथ अपने घरेलू उपभोक्ताओं के हित में अपना संघर्ष वापस ले लें।