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Panchkula News: चंडीगढ़-बद्दी रेल मार्ग से जुड़ेंगे तीन नए रेलवे स्टेशन

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पंचकूला चंडीमंदिर रेलमार्ग के लिए लेवलिंग का चल रहा काम।
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पंचकूला चंडीमंदिर, नानकपुर, बद्दी में चल रहा रेलवे स्टेशनों का काम दिसंबर 2026 तक काम पूरा करने का लक्ष्य, 8.9 किलोमीटर होगा एलिवेटेड ट्रैक
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माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। चंडीगढ़-बद्दी रेल मार्ग के बीच तीन नए रेलवे स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इनमें चंडीमंदिर, नानकपुर और बद्दी के रेलवे स्टेशन शामिल हैं। तीनों रेलवे स्टेशनों का स्ट्रक्चर तैयार हो रहा है। करीब 40 फीसदी काम पूरा हो चुका है। चंडीमंदिर-बद्दी के बीच बनने वाले 30 किलोमीटर रेल मार्ग का काम भी 30 फीसदी पूरा हो चुका है। यह रेल मार्ग छह लेयर में तैयार किया जा रहा है। इसमें करीब 8.9 मीटर एलिवेटेड ट्रैक होगा। चंडीगढ़ से बद्दी तक निर्माणाधीन रेल ट्रैक का एक किलोमीटर का हिस्सा करीब 52 फीट ऊंचा होगा। ट्रैक कुछ स्थानों पर न्यूनतम 25 फीट तक ऊंचा रखा गया है। इसका हरियाणा में करीब 30 जबकि हिमाचल में 60 फीसदी काम पूरा हो चुका है। शेष काम को 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। एलिवेटिड ब्रिज बनाने का मकसद यही है कि अधिक से अधिक ग्रीन फील्ड को बचाया जा सके। साथ ही रोड क्राॅसिंग को भी इसमें कवर किया जा रहा है, ताकि सड़कों को बिना छेड़े ही रेलमार्ग आगे बढ़ सके। इस प्रयास से महंगी होती जमीन और पटरियों के मेंटेनेंस कॉस्ट से बचा जा सकेगा। इस तरह का ट्रैक फिलहाल अभी चंडीगढ़ व आसपास के क्षेत्रों में नहीं है।

एशिया का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र जुड़ेगा
इस परियोजना से एशिया का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र और फार्मा हब बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ 2026 तक रेल सुविधा से जुड़ जाएंगे। इसका करीब 50 फीसदी काम पूरा कर लिया गया है। बद्दी के अमृतसर-कोलकाता गलियारे से जुड़ने से पूरे रीजन को फायदा होगा। यह कनेक्टिविटी औद्योगिक क्षेत्र को बढ़ाने में सहायक होगी। उद्योगों को कच्चा माल लाने और तैयार माल अन्य राज्यों में भेजने के लिए रेलवे का विकल्प मिलेगा। इससे लागत कम होगी और मुनाफा बढ़ेगा। रेल नेटवर्क से इस रीजन में व्यापार व रोजगार के भी अवसर पैदा होंगे।
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ट्रैक 100 से 120 किलोमीटर के लिहाज से हो रहा तैयार
उत्तर रेलवे की ओर से बद्दी नालागढ़ को रेल नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। यह रेल लाइन चंडीमंदिर से धमाला, लोहगढ़ खेड़ा टांडा, जोलूवाल, कोना, मंडावाला से होते हुए बद्दी के शीतलपुर पहुंचेगी। रेल ट्रैक को 100 से 120 गति सीमा के लिहाज से तैयार किया जा रहा है। यह रेल लाइन हरियाणा के लगभग 25 किलोमीटर तक पिंजौर ब्लॉक के करीब 42 गांवों सूरजपुर, धमाला, लोहगढ़, खेड़ा, बसोला, टांडा जोलूवाल, नाकपुर, कौना, मढ़ांवाला से होते हुए हिमाचल के शीतलपुर स्थित कंटेनर डिपो केंदूवाला होते हुए संडोली तक पहुंचेगी। इसमें हिमाचल के 9 गांव आते हैं। कुल 30 किलोमीटर लंबी यह रेल परियोजना वर्ष 2007 में घोषित हुई थी।
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कोट
चंडीगढ़ से बद्दी तक करीब 30 किमी लंबी रेल लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। इसका 30 प्रतिशत तक काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा भूमि अधिग्रहण का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। कुछ आंशिक बदलाव की योजना है, ताकि ट्रेन के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए। -विनोद भाटिया, डीआरएम अंबाला
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