एनओसी मिलते ही कालका-शिमला मार्ग पर दौड़ेगी पैनोरमिक कोच वाली टॉय ट्रेन
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला/कालका। रेल कोच फैक्टरी कपूरथला से तीन पैनोरमिक कोच रविवार को कालका रेलवे स्टेशन पहुंचे गए हैं। इन कोच को क्रेन की मदद से उतारा गया। इनमें एक जनरेटर कार और एक एसी व एक सामान्य सेवा कोच शामिल हैं। गत वर्ष नागरिक उड्डयन मंत्रालय की टीम ने जांच की थी। इस दौरान बाेगियों की जांच से लेकर ट्रेन की रफ्तार बढ़ाकर देखी गई थी। अब इन कोच की एनओसी का इंतजार है। एनओसी मिलते ही कालका से शिमला के बीच पैनोरमिक कोच वाली टॉय ट्रेन दौड़ेगी। मार्च में रेल कोच फैक्टरी कपूरथला की ओर सेअब तक कुल 12 पैनोरमिक कोच कालका भेजे जा चुके हैं। तीन और नए कोच आने के बाद अब कालका रेलवे स्टेशन पर पैनोरमिक कोचों की संख्या 25 हो गई है। मंत्रालय से एनओसी मिलते ही कालका से शिमला के बीच पैनोरमिक कोच दौड़ने लगेगा।
आधुनिक तरीके से किया है डिजाइन
पैनोरमिक विस्ताडोम कोच को आधुनिक तरीके से डिजाइन किया गया है। कोच के हर तरह के ट्रायल हो चुके है। लाल रंग से युक्त पैनोरमिक विस्ताडोम कोट टॉय ट्रेन की खूबसूरती को चार चांद लगाने में कसर नहीं छोड़ रहे हैं। इन कोच को पहली बार रेल कोच फैक्टरी कपूरथला ने तैयार किया है। खास बात है कि देश में ब्रॉडगेज ट्रैक पर चलने वाली बोगियों की तरह नैरोगेज रेल लाइन में पैनोरमिक विस्ताडोम कोच में एयर पावर ब्रेक सिस्टम होगा, जो दुर्घटनाओं को रोकने में मदद करेगा।
कोट
रेल कोच फैक्टरी कपूरथला से तीन पैनोरमिक कोच आए हैं। इनकी संख्या करीब 25 हो गई है। एनओसी मिलते ही कालका-शिमला मार्ग पर पैनोरमिक कोच वाली टॉय ट्रेन दौड़ेगी।
-नवीन कुमार, वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक, रेल मंडल अंबाला