कालका। नगर परिषद की फॉगिंग मशीनें खराब होने के कारण शहर में अभी तक फॉगिंग शुरू नहीं हो पाई है, जबकि कालका में डेंगू के पांच मरीज सामने आ चुके हैं। नगर परिषद के पास फॉगिंग के लिए कुल आठ मशीनें हैं, जिनमें एक हंटर और सात हैंड मशीनें शामिल हैं। परिषद के अनुसार तकनीकी खराबी के चलते मंगलवार को मशीनों को दोबारा मरम्मत के लिए भेजा गया है। मरम्मत कार्य पूरा होते ही शहर में फॉगिंग करवाने की बात कही गई है।
फरवरी से सितंबर तक कालका में डेंगू के पांच मामले सामने आए हैं। ये मामले टिपरा, टगरा, हंडिया मोहल्ला, घाटीवाला और खेड़ा सीताराम से सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सभी मरीजों की हालत सामान्य है। वहीं, फॉगिंग नहीं होने से मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
तीन माह में तीन पत्र, फिर भी फॉगिंग नहीं.....
स्वास्थ्य विभाग ने नालियों में तेल डालने और फॉगिंग करवाने को लेकर पिछले तीन माह में नगर परिषद को तीन पत्र भेजे हैं। 23 सितंबर को भेजे पत्र में खेड़ा सीताराम, अपर मोहल्ला, टिब्बी, परेड, खटीक मोहल्ला, वाल्मीकि बस्ती, भारत नगर, टगरे, भैरो की सेर, टिपरा, खिला कॉलोनी, कमला नगर और घाटीवाला सहित अन्य क्षेत्रों में मच्छरों का लार्वा मिलने की जानकारी दी गई थी। विभाग ने नालियों की सफाई, जमा पानी वाली जगहों पर काले तेल का छिड़काव और फॉगिंग करवाने की मांग की थी।
575 घरों में मिला लार्वा
विशेष सोर्स रिडक्शन अभियान के तहत 1 जुलाई से 25 सितंबर तक कालका में 575 घरों में डेंगू मच्छर का लार्वा मिलने पर नोटिस जारी किए गए। स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार घर-घर जाकर पानी के कंटेनरों की जांच कर रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किया दौरा.........
मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग पंचकूला की टीम ने नगर परिषद कार्यालय कालका का दौरा किया। टीम में डिप्टी डायरेक्टर मलेरिया डॉ. रविंद्र अहलावत, डीएमओ डॉ. सोनू अरोड़ा, सीनियर मलेरिया इंस्पेक्टर सतीश कुमार, हेल्थ इंस्पेक्टर जसवीर सिंह, हेल्थ सुपरवाइजर अभिमन्यु और कालका से राहुल सुपरवाइजर शामिल रहे। टीम ने फॉगिंग को लेकर परिषद अधिकारियों से चर्चा की। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार परिषद अधिकारियों ने सोमवार से फॉगिंग शुरू करवाने की बात कही है। टीम ने एसडीएम संयम गर्ग से भी मुलाकात शहर में फागिंग करवाने की बात रखी।