हरियाणा सरकार अब जबरन किसी कर्मचारी का वेतन नहीं काटेगी। सरकार की ओर से जो तीन दिन का वेतन काटने की बात कही गई थी वह स्वैच्छिक कर दी गई है। यदि कोई कर्मचार स्वेच्छा से अपना वेतन राहत कोष के लिए कटवाना चाहता है तो वह कटवाएगा। अन्यथा किसी तरह की कटौती नहीं होगी। मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया है।
दरअसल इस मामले में भ्रम की स्थिति पुलिस महकमे में घूम रहे एक पत्र से हुई पत्र में कहा गया है कि सभी कर्मचारियों का तीन दिन का वेतन राहत कोष के लिए काटा जाएगा। ऐसे में जो कर्मचारी अपना वेतन नहीं कटवाना चाहते हैं वे अपनी अनुशंसा दे दें। ऐसे में कर्मचारियों को न कह पाने की हिम्मत नहीं जुट रही थी।
मंगलवार को मंत्रिमंडल की बैठक में गृह मंत्री अनिल विज ने मुख्यमंत्री के सामने यह मुद्दा रखा। जिसके बाद यह निर्णय लिया गया कि किसी भी कर्मचारी की तनख्वाह से जबरन राहत कोष के लिए कटौती नहीं की जाएगी। जो व्यक्ति अपनी इच्छा से राहत कोष में योगदान देना चाहेगा। उसी कर्मचारी से यह राशि ली जाएगी।
विज के मुताबिक उनके केबिनेट की बैठक में पहुंचने से पहले यह मुद्दा मुख्यमंत्री के सामने आ चुका था। आज की बैठक में अनिल विज, डा. बनवारी लाल मौजूद थे। जबकि अन्य मंत्री वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से मौजूद थे। इस दौरान बैठक में कोरोना के खिलाफ जंग में बेहतर प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों के सम्मान में ताली भी बजाई गई।