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Panchkula News: खनन घोटाले में तीन आरोपियों को हाईकोर्ट से जमानत

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सरकारी खजाने में जमा किए 1.10 लाख रुपये भी बना आधार
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हाईकोर्ट ने कहा कि आरोपियों को अनिश्चित अवधि तक जेल में नहीं रख सकते
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अवैध खनन और रिश्वत के मामले में तीन आरोपियों को नियमित जमानत दी है। अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता से ली गई 1.10 लाख रुपये की पूरी राशि सरकारी खजाने में जमा हो चुकी है। ऐसे में आरोपियों को अनिश्चित अवधि तक जेल में रखना मुकदमे के लिहाज से उपयोगी नहीं होगा।
जस्टिस संजय वशिष्ठ ने तीनों याचिकाओं का निपटारा करते हुए निचली अदालत की संतुष्टि पर जमानत बॉन्ड भरने के बाद आरोपियों को रिहा करने का आदेश दिया। यह मामला जालंधर सतर्कता ब्यूरो की ओर से दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। अभियोजन के अनुसार, 28-29 जून 2025 की रात वन विभाग ने एक टिप्पर, जेसीबी मशीन और मोटरसाइकिल कब्जे में लिए थे।
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आरोप है कि ब्लॉक अधिकारी चिराग लखोत्रा ने शिकायतकर्ता से डेढ़ लाख रुपये रिश्वत मांगी थी। यह रकम शमशेर सिंह के माध्यम से लिए जाने का आरोप है। जांच में सामने आया कि शमशेर सिंह ने 45 हजार रुपये नकद लिए जबकि 25 हजार रुपये चाय विक्रेता अमरजीत थिंद के खाते में भेजे गए। इसके बाद 30 जून को 40 हजार और भेजे गए जिससे कुल 1.10 लाख रुपये की रकम का मामला बना।
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अभियोजन के आरोप और हाईकोर्ट का निर्णय :
अभियोजन का आरोप था कि अवैध खनन से संबंधित वास्तविक जुर्माना दो लाख रुपये से अधिक बनता था लेकिन नुकसान की रिपोर्ट में बदलाव कर जुर्माने की रकम कम दिखाई गई। घटना का समय भी रात दो बजे के बजाय सुबह का दर्शाया गया। राज्य ने जमानत का विरोध करते हुए जांच प्रभावित करने या फरार होने की आशंका जताई। हालांकि, हाईकोर्ट ने आरोपियों की हिरासत अवधि और सरकारी खजाने में जमा राशि समेत मामले की परिस्थितियों को देखते हुए जमानत देना उचित माना।
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