वेंटिलेटर्स के आयात की अनुमति न मिलने से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि देश के हजारों लोग अस्पतालों में वेंटिलेटर्स और ऑक्सीजन के इंतजार में हैं। देश रोज हजारों मौतों का गवाह बन रहा है फिर क्यों वेंटिलेटर्स के आयात को मंजूरी देने में देरी की जा रही है।
हाईकोर्ट ने अब केंद्र सरकार को वेंटिलेटर्स के आयात की मंजूरी देने का आदेश दिया है। याचिका दाखिल करते हुए लुधियाना की बीएस मेडिकल सिस्टम कंपनी ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर बताया था कि उन्होंने केंद्र सरकार से वेंटिलेटर्स के आयात की अनुमति मांगी थी लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई। इसके चलते याची ने जून 2020 में हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी।
हाईकोर्ट ने अब सुनवाई के दौरान कहा कि वेंटिलेटर्स और ऑक्सीजन आज कोरोना सहित अन्य गंभीर बीमारी के रोगियों के इलाज में बेहद अहम हैं। इनके आयात में देरी निश्चित रूप से लोगों की मौत का कारण साबित होगी। देश इस समय रोजाना हजारों मौतों का गवाह बन रहा है और ऐसे में आयात की अनुमति न देना किसी भी सूरत में जनहित में नहीं है।
हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को वेंटिलेटर्स के आयात की अनुमति देने का आदेश दिया है। हालांकि हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि वेंटिलेटर्स आने के बाद 24 घंटे के भीतर संबंधित विभाग को इसकी सूचना देनी होगी। सूचना मिलने के बाद इनका निरीक्षण किया जाएगा और जो वेंटिलेटर मानकों के अनुरूप नहीं होंगे उन्हें इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।