प्रवासी मजदूरों को खदेड़ती पुलिस
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घर जाने के उत्साह में हजारों की संख्या में प्रवासी श्रमिक बुधवार सुबह करीब छह बजे ही सेक्टर-43 बस अड्डे पर पहुंच गए। इनमें से कई ऐसे भी थे, जो बिना रजिस्ट्रेशन कराए ही यहां पहुंचे थे। ऐसे में आईएसबीटी पर भीड़ बेकाबू हो गई। सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ते देख पुलिस हरकत में आ गई ओर लाठी का प्रयोग कर प्रवासियों को वहां से खदेड़ा। इस दौरान इनमें कुछ प्रवासियों को मामूली चोटें भी आईं।
बुधवार सुबह करीब 6 बजे से सेक्टर-43 बस अड्डे पर लोग इकट्ठा होना शुरू हो गए। पुलिस ने मोर्चा संभाला और सभी को तीन से चार अलग-लाइन में करीब 1 मीटर की दूरी पर खड़ा करवाया लेकिन सुबह के 10 बजे तक सेक्टर 45, सेक्टर 44 सेक्टर 52 के रास्तों की तरफ से बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए और भीड़ बेकाबू हो गई।
स्थिति यह थी कि सेक्टर 43/52 डिवाईडिंग रोड पूरी तरह भर गई। इस दौरान पुलिस टीम ने सभी को तीन से चार लाइनें बनवाकर खड़ा किया। पुलिस ने जब प्रवासियों के मैसेज चेक करना शुरू किया दो पता लगा कि इनमें से ज्यादातर लोगों के रजिस्ट्रेशन हुए ही नहीं हैं। हालत को बेकाबू होते देख पुलिस ने प्रवासियों पर हल्की लाठी बल का प्रयोग कर सभी को वहां से खदेड़ दिया।
बस स्टैंड से प्रवासियों खड़े जाने पर ज्यादातर लोग किसान भवन और ट्रिब्यून चौक पर डेरा जमा लिया। इस दौरान कल प्रवासियों को हल्की-फुल्की चोटें भी आईं थी। मुल्लांपुर के रहने वाले प्रवासी मांगे राम ने बताया कि वह बिना रजिस्ट्रेशन के ही मजबूरी में सुबह करीब 9 बजे से सेक्टर 43 बस स्टैंड पर आ गए थे। इस उम्मीद से कि शायद उन्हें अपने मूल गांव जाने दिया जाए। उनका आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने उन पर डंडा बरसाया।