वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने दिए आदेश, विभाग को अब तक 93 शिकायतें मिलीं
विभाग पहले ही 23 मामलों में जाति प्रमाण पत्र रद्द करने की कर चुका है सिफारिश
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। जाली अनुसूचित के जाति प्रमाण पत्रों के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने वाले लाेगों के खिलाफ 15 दिन में कार्रवाई होगी। जाली दस्तावेजों से जुड़ी 93 शिकायतें विभाग को मिली हैं। इनकी पड़ताल के बाद कार्रवाई की जाएगी। यह फैसला मंगलवार को राज्य के वित्त, योजना आबकारी और कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा की अगुवाई में हुई बैठक में लिया गया। मीटिंग में सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक विभाग की मंत्री बलजीत कौर भी हाजिर थीं।
पंजाब भवन में दोनों मंत्रियों की अगुवाई में आरक्षण चोर पकड़ो मोर्चा के नेताओं के साथ मीटिंग हुई। वित्त मंत्री ने मोर्चे के नेताओं द्वारा इस संबंधी अन्य मामलों की सौंपी गई सूची के बारे में भी सामाजिक न्याय विभाग को कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंधी जो मामले अदालत में हैं उनके बारे में विभाग एडवोकेट जनरल के दफ्तर के साथ तालमेल करके ठोस कार्रवाई को यकीनी बनाएं।
जाली प्रमाण पत्रों द्वारा सरकारी नौकरियों में आरक्षण हासिल करने की प्रथा पर पूर्ण रोक लगाने पर जोर देते हुए वित्त मंत्री ने सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक विभाग को कहा कि वह सभी सरकारी विभागों को पत्र लिखकर यह यकीनी बनाएं कि आरक्षण के दावे से जुड़े दस्तावेज की संबंधित व्यक्ति के प्रोबेशन पीरियड के दौरान गहराई से जांच की जाए। उन्होंने विभाग को जाति आधारित प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया में आवश्यक संशोधनों संबंधी प्रस्ताव तैयार करने के लिए भी कहा जिससे इस समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके।
सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रमेश कुमार गंटा ने बताया कि विभाग को अब तक कुल 93 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। 26 मामलों की सुनवाई करके आगे जांच समिति को भेजे गए हैं। इनमें से 23 मामलों में जाति प्रमाण पत्रों को रद्द करने की सिफारिश की गई है।
विभाग के डायरेक्टर जसप्रीत सिंह ने मंत्रियों को बताया कि बाकी रहते 67 मामलों की भी जल्द सुनवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिया कि ये सभी मामले एक महीने में हल कर दिए जाएंगे।