फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उम्मीदें नहीं चढ़ीं परवान: इस बार भी पेपरलेस नहीं हो सकेगा पंजाब विधानसभा सत्र, केंद्र सरकार ने अब तक नहीं दिया वित्तीय सहयोग

Tue, 21 Jun 2022 02:01 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

भगवंत मान सरकार से पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार के समय भी केंद्रीय प्रोजेक्ट के तहत पंजाब विधानसभा को पेपरलेस बनाने के प्रयास शुरू किए गए थे। तब विधानसभा के लिए जरूरी कंप्यूटर, लैपटॉप व अन्य उपकरण की सूची तैयार कर केंद्र सरकार को भेजी गई थी लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
विज्ञापन
पंजाब विधानसभा में बोलते सीएम भगवंत मान। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पंजाब विधानसभा का 24 जून से शुरू हो रहा बजट सत्र पेपरलेस नहीं हो सकेगा, जैसा कि राज्य सरकार ने बीते दिनों एलान किया था। विधानसभा से सत्रों को पेपरलेस करने की योजना के तहत 2017 में पंजाब की तत्कालीन कैप्टन सरकार ने भी प्रयास शुरू किए थे लेकिन इस योजना पर नई सरकार आने के बाद भी अमल नहीं हो सका है। इसका मुख्य कारण है कि केंद्र सरकार ने इस मद में पंजाब सरकार को कोई वित्तीय सहयोग अब तक नहीं दिया है।

विज्ञापन


गौरतलब है कि केंद्र सरकार की योजना के तहत देशभर में सभी विधानसभाओं को नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन के जरिये पेपरलेस बनाया जाना है। ‘नेवा’ प्रोजेक्ट (नेशनल ई-विधान एप्लीकेशन) का एप और वेबसाइट भी जारी किए जा चुके हैं।

केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए कुल 739 करोड़ रुपये का फंड निर्धारित कर रखा है। इसके तहत संबंधित विधानसभाओं को डिजीटल उपकरण व अन्य सामग्री केंद्रीय एजेंसियों द्वारा ही उपलब्ध कराई जानी है लेकिन केंद्रीय एजेंसियों द्वारा इस मामले में ढिलाई बरतने के चलते पंजाब विधानसभा को पेपरलेस बनाने का ताजा प्रयास भी विफल हो गया है।
विज्ञापन


हाल ही में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एलान किया था कि पंजाब विधानसभा का दूसरा बजट सत्र पूरी तरह पेपरलेस होगा। इससे सरकारी खजाने के करीब 21 लाख रुपये की बचत होगी और 34 टन कागज बचेगा जिसके लिए 834 पेड़ों की कटाई होती।

भगवंत मान सरकार से पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार के समय भी केंद्रीय प्रोजेक्ट के तहत पंजाब विधानसभा को पेपरलेस बनाने के प्रयास शुरू किए गए थे। तब विधानसभा के लिए जरूरी कंप्यूटर, लैपटॉप व अन्य उपकरण की सूची तैयार कर केंद्र सरकार को भेजी गई थी लेकिन मामला ठंडे बस्ते में चला गया।

अब नई सरकार के समय भी ‘नेवा’ प्रोजेक्ट के तहत प्रयास शुरू किए गए, जिसके तहत पंजाब विधानसभा में 152 टच स्क्रीन टैब, 164 कंप्यूटर, 24 लैपटॉप, बड़े आकार के 10 एलईडी टीवी सेट, सदस्यों को दिए जाने के लिए 119 टैबलेट की जरूरत दिखाई गई है, जिस पर केंद्र सरकार की तरफ से फिर चुप्पी साध ली गई है। उक्त सामान नहीं मिलने के चलते पंजाब विधानसभा का बजट सत्र पहले की भांति 34 टन कागज और 21 लाख रुपये खर्च कराएगा।

ऐसे चलती पेपरलेस सदन की कार्यवाही
विधानसभा पेपरलेस हो जाने पर इसके प्रत्येक सदस्य के पास एक मल्टीपर्पज टचस्क्रीन पैनल होता, जिस पर विधानसभा से संबंधित सारी जानकारी उपलब्ध रहती। सदस्यों को इस पैनल में ही सवाल, जवाब, बजट, भाषण आदि भी मिलते और सदस्य किसी भी मामले में ई-वोटिंग प्रक्रिया में हिस्सा ले पाते। यह प्रोजेक्ट सदस्यों को वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा भी देता और जानकारी को सार्वजनिक पोर्टलों के जरिये आम लोगों तक पहुंचाने में आसानी होती।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें