पंचकूला। सेक्टर-1 स्थित सरकारी पीजी कॉलेज में प्रस्तावित इनक्यूबेटर सेंटर अभी तक आठ महीने से दोबारा शुरू नहीं हो सका है। सेंटर को शुरू करने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी नहीं हो पाई है। पंचकूला उच्च शिक्षा विभाग की ओर से इसे अपने अंडर लेने के बाद नए सत्र की योजना से इसे चलाने की बात नहीं बन पाई है। विद्यार्थियों को नए स्टार्टअप और बड़ी कंपनियों से टाईअप नहीं हो पा रहा है। इस कारण चार सौ से ज्यादा विद्यार्थियों की ट्रेनिंग नहीं हो पा रही है।
सेक्टर -1 पीजी कॉलेज परिसर में युवाओं को स्टार्टअप और नवाचार से जोड़ने के उद्देश्य से इनक्यूबेटर सेंटर स्थापित करने की योजना बनाई गई थी। यह सेंटर चार साल चलाए जाने के बाद बंद हो गया है। आठ महीने से बंद होने के बाद छात्रों और युवाओं को अपने नए विचारों पर काम करने, तकनीकी सहायता और मार्गदर्शन देने की व्यवस्था पूरी तरह से बंद हैं। हालांकि पंचकूला उच्च शिक्षा विभाग की ओर से सेंटर के संचालन को लेकर ठोस तैयारी नहीं हो सकी है। सेंटर के लिए जरूरी संसाधन, उपकरण और विशेषज्ञों की व्यवस्था अभी तक तय नहीं हो पाई है। इसके कारण सेंटर को शुरू करने की प्रक्रिया लगातार टलती जा रही है।
कॉलेज और इनक्यूबेटर सेंटर से जुड़े विद्यार्थी सुधीर, नीलेश, रविंद्र ने बताया कि इनक्यूबेटर सेंटर शुरू हो जाता है तो इससे पंचकूला और आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को काफी फायदा मिल सकता है। इसके नहीं शुरू होने के कारण नए स्टार्टअप शुरू करने, नए प्रोजेक्ट तैयार करने और उद्योगों से जुड़ने का अवसर नहीं मिल रहा है।
इनक्यूबेटर सेंटर को शिक्षा विभाग की ओर से जल्द शुरू करने को लेकर मीटिंग की जाएगी। नए सत्र से इसे चलाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए जल्द तैयारी शिक्षा विभाग पूरी करेेगा। -खुशीला, डायरेक्टर, पंचकूला उच्च शिक्षा विभाग