पंचकूला। पिंजौर व कालका क्षेत्र में बीते कुछ महीनों से आपराधिक घटनाओं में इजाफा हो गया है। इससे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। गोलीकांड, डकैती, घरों में घुसकर चोरी और दिनदहाड़े धमकियों की घटनाएं आम होती जा रही हैं। क्षेत्र में बढ़ते अपराध पर स्थानीय लोगों ने शुक्रवार को सेक्टर-1 के लघु सचिवालय में डीसी को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र की बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता जताते हुए पुलिस गश्त को बढ़ाए जाने और संवेदनशील इलाकों में सतर्कता सहित कई अहम मांगें उठाईं। ज्ञापन में डीसी से मांग की गई है कि पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर ठोस कार्रवाई के निर्देश जारी किए जाएं ताकि क्षेत्रवासियों को सुरक्षा का भरोसा मिल सके।
भारत विकास परिषद कालका अध्यक्ष रंजीत उप्पल और वरिष्ठ उपप्रधान हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी गुरमीत सिंह रामसर ने बताया कि पिंजौर और कालका क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था चौपट हो गई है। युवा पीढ़ी नशे में बर्वाद हो रही है। अवैध तरीके से नशे की बिक्री हो रही है। चिंता की बात यह है कि युवा पीढ़ी गैंगस्टरों को आदर्श मान रही है। सोशल मीडिया पर फायरिंग करते वीडियो वायरल हो रहे हैं। खुलेआम होने वाली ऐसी गतिविधि बेहद खतरनाक हैं।
रंजीत उप्पल ने कहा कि दो दिन पहले बिटना गांव में गुलेल गैंग का आतंक देखने को मिला। मकान मालिक पर गुलेल से पत्थर मारे और घर के तीन लोग घायल हो गए। इससे गांव में भय का माहौल बना हुआ है। लोग चैन की नींद सो नहीं पा रहे हैं। इलाके में पुलिस गश्त नहीं होती है। पुलिस प्रशासन को इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। वही, अन्य लोगों ने आरोप लगाया कि आपराधिक घटनाओं शामिल आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं जिससे आमजन सुरक्षित नहीं है।
ज्ञापन में मुख्य मांगें
- पिंजौर, कालका और मढ़ावाला क्षेत्रों में रहने वाले प्रवासी लोगों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य किया जाए।
- किरायेदारों, दुकानों में कार्यरत कर्मचारियों और घरेलू नौकरों की थाने में पंजीकरण प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।
- सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं ताकि अपराधों पर निगरानी रखी जा सके।
- बिना नंबर की बाइक और काले शीशे वाली कारों के खिलाफ सख्ती बरती जाए।
- संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सिविल कपड़ों में पुलिस की तैनाती की जाए।