घायल का सेक्टर -6 सिविल अस्पताल में चल रहा इलाज
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-9 स्थित गवर्नमेंट आयुर्वेदिक पंचकर्मा सेंटर में वीरवार दोपहर तीन बजे इलाज के दौरान बड़ा हादसा हो गया। थेरेपी में इस्तेमाल होने वाला स्टीमर अचानक फट गया जिससे ढकोली निवासी थेरेपिस्ट कल्पना वर्मा झुलस गईं। उन्हें तुरंत सेक्टर-6 के सिविल अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने बताया कि उनके पेट और दोनों पैरों का हिस्सा झुलसा है। फिलहाल उनकी स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
घटना के समय कल्पना वर्मा थेरेपी कर रही थीं। तभी स्टीमर बिना किसी चेतावनी के फट गया और उनका लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा जल गया। हादसे के तुरंत बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। बताया जा रहा है कि स्टीमर लंबे समय से कमरे के भीतर फिट था और लगातार उपयोग के कारण उसकी स्थिति खराब हो चुकी थी।
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी दिलीप मिश्रा ने बताया कि जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है और जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
स्टाफ की चेतावनी के बावजूद नहीं हटाया खराब स्टीमर
सूत्रों के अनुसार पंचकर्मा सेंटर में लगा स्टीमर काफी समय से खराब था। 22 मई को स्टाफ ने जिला आयुष अधिकारी को लिखित शिकायत भेजकर बताया था कि स्टीमर गर्म होने पर तेज आवाज करता है जिससे मरीज डर जाते हैं और कमरे में तापमान असहनीय हो जाता है। स्टाफ ने इसे कमरे के बाहर शिफ्ट करने की मांग भी की थी लेकिन करीब साढ़े छह माह बाद भी सुधार नहीं हुआ। लापरवाही ही इस हादसे का कारण बनी।
2024 में लगाया था स्टीमर, अब होगी तकनीकी जांच
जिला आयुष अधिकारी डॉ. दिलीप मिश्रा ने बताया कि स्टीमर 2024 में लगाया गया था। इतने कम समय में इसमें लीकेज कैसे हुई। इसके लिए तकनीकी जांच करवाई जाएगी। उन्होंने स्वीकार किया कि स्टाफ की शिकायत उन्हें मिली थी जिसके बाद सुधार और नए उपकरणों के लिए 41 लाख रुपये का बजट मंजूर करवाया गया था जो फिलहाल पीडब्ल्यूडी के पास लंबित है। उन्होंने कहा कि पीडब्ल्यूडी को कार्य शीघ्र शुरू करने के लिए दोबारा लिखा जाएगा ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। हादसे के बाद पंचकर्मा सेंटर में स्टाफ दहशत में है। घटना के बाद सुरक्षा मानकों की समीक्षा की मांग तेज हो गई है। सेंटर में इलाज बाधित रहा और कई मरीजों को दूसरी तारीख पर आने की सलाह दी गई।
कोट
मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। थेरेपिस्ट अब सुरक्षित है।
-डॉ. दिलीप मिश्रा, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी, पंचकूला