पीयूष ने एक वीडियो भी बनाया, जिसमें उसने डीसीपी मोहित हांडा पर गलत कार्रवाई करने का आरोप लगाया। साथ ही उसने कहा कि यदि उसे किसी तरह का नुकसान पहुंचता है तो इसके लिए महिला अधिकारी जिम्मेदार होंगी।
पीयूष का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो अफसरों में हड़कंप मच गया। पुलिस कमिश्नर सौरभ सिंह ने एसीपी विजय नेहरा को मामले की जांच के लिए निर्देश दे दिए हैं। मामले में डीसीपी मोहित हांडा का पक्ष जानने के लिए उनसे फोन और व्हाट्सएप पर संदेश के जरिए संपर्क किया गया लेकिन उन्होंने कोई उत्तर नहीं दिया।
वीडियो में क्या कहा होमगार्ड ने
2 मिनट के वीडियो में होमगार्ड पीयूष कुमार ने आरोप लगाया कि पंचकूला पुलिस उपायुक्त मोहित हांडा ने मेरी कोई सुनवाई नहीं की। मुझे थाने से फोन करवाकर होमगार्ड की सर्विस से बर्खास्त करने की धमकी भी दी जा रही है। उनके बेटे का जन्मदिन 31 जुलाई को है। इस तरह की एकतरफा कार्रवाई से मैं तनाव में आ गया हूं। मेरी छवि धूमिल हुई है। इस कार्रवाई से मैं तनाव में हूं। क्या ईमानदारी से ड्यूटी करने का यही नतीजा है। क्या कसूर था मेरा। क्या ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों को जाने देता। यह ठीक नहीं हुआ।
होमगार्ड के जहरीला पदार्थ खाने के मामले ने जब तूल पकड़ा तो शाम को छह बजे पुलिस ने महिला अधिकारी के खिलाफ भी केस दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई होमगार्ड से बदसलूकी के वीडियो के आधार पर की गई है। सेक्टर पांच थाना प्रभारी ने बताया कि महिला अधिकारी ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर होमगार्ड की ड्यूटी में बाधा पहुंचाई। पीयूष के बयान आधार पर केस दर्ज किया है। वीडियो, फुटेज और अन्य तथ्यों के आधार पर जांच की जा रही है।
पंचकूला डीसीपी पर होमगार्ड की ओर से आरोप लगाए जाने का वीडियो वायरल हुआ है। सोशल साइट्स पर वीडियो देखने के बाद मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। इसकी जांच में जो भी आरोपी पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। - सौरभ सिंह, पुलिस आयुक्त, पंचकूला पुलिस
होमगार्ड को प्रताड़ित किए जाने का मामला संज्ञान में आया है। इस तरह की घटना चिंतनीय है। पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी। आरोप साबित होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। अनिल विज, गृहमंत्री, हरियाणा सरकार
12 दिन तक सुनवाई नहीं हुई तो पीयूष ने खाया जहर
पीयूष ने बताया कि वह अपने खिलाफ हुई गलत कार्रवाई के खिलाफ अफसरों के दफ्तरों में चक्कर काटता रहा। लेकिन उसकी कहीं सुनवाई नहीं हुई। यहां तक कि थाने में भी जाकर अपनी व्यथा बताई। उसके पास कोई और चारा नहीं बचा तो यह कदम उठाना पड़ा।