ईश्वर सिंह दोहन सेवानिवृत्त आईजी आईटीबीपी।
पूर्व आईजी ईश्वर सिंह दुहन बोले- युद्ध विराम सही निर्णय, अभी अर्थव्यवस्था को करना है मजबूत
कहा - यह तय हो चुका-पाकिस्तान ने कोई भी आतंकवादी गतिविधियां की तो एक्ट ऑफ वार माना जाएगा
माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। जिस लक्ष्य को पूरा करने के लिए भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध शुरू हुआ था। उसे भारत ने पाकिस्तान के कई आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर पूरा कर लिया है। 1965 से 1971 के बीच जो भी युद्ध हुए उसके बाद 2025 में टेक्नॉलॉजी वाइज भारत कितना मजबूत और सशक्त बना है। पूरा विश्व भारत के डिफेंस सिस्टम को देख और जान चुका है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी पाकिस्तान ने हमारे मिलिट्री बेस और नागरिकों को ड्रोन, मिलिट्री एयरक्राफ्ट और मिसाइल से टारगेट किया, लेकिन ये सभी एयर डिफेंस सिस्टम के सामने नाकाम रहे। यह कहना है, आईटीबीपी के पूर्व आईजी ईश्वर सिंह दुहन का। वह पंचकूला सेक्टर-21 के रहने वाले हैं।
भारत की अर्थव्यवस्था होगी मजबूत
ईश्वर सिंह दुहन ने बताया कि भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष अब सीजफायर में बदल चुका है। किसी समस्या का समाधान लड़ाई नहीं है। सीजफायर भारत का सही निर्णय था। क्योंकि भारत को अभी अर्थव्यवस्था को मजबूत बनना है। कुछ वर्षों में भारत 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। उसे और आगे जाना है। भारत में दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ताकत है। जिसके लक्ष्य के लिए हम अग्रसर हैं। भारत और अमेरिका दोनों देश 2025 से पहले टैरिफ कम करने पर काम कर रहे हैं। अगर समझौता हो गया तो दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। हमारे पास युवा शक्ति है। यह हमारे देश के लिए अच्छी बात है। युवा ताकत के साथ भारत दुनिया के लिए काम करने वाले लोगों का भरोसेमंद स्रोत बन सकता है। 2047 तक भारत एक समृद्ध भारत बनकर उभरेगा।
भारत-पाक जल संधि पर करना होगा रिव्यू
ईश्वर सिंह दुहन ने बताया कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़े कदम उठाते हुए सिंधु जल संधि को रोकने का एलान किया था। इससे पाकिस्तान घुटनों पर आ गया है। इस फैसले से पाकिस्तान ने भारत से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने की गुहार लगाई थी। अगर इसका एकतरफा फायदा पाकिस्तान को मिल रहा है तो इसे भारत को रिव्यू कर इस पानी का इस्तेमाल हरियाणा, राजस्थान और दूसरे प्रदेशों में करना चाहिए। ताकि इसका फायदा भारत के लोगों को मिले। न की पाकिस्तान को।