चंडीगढ़। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) की मंगलवार को किसान भवन में हुई एक बैठक में बिजली व बीज संशोधन बिल के खिलाफ संघर्ष को तेज करने का फैसला लिया है। इसके लिए एसकेएम ने 13 दिसंबर को मजदूर, कर्मचारियों समेत जत्थेबंदियों की बैठक बुलाई है। साथ ही मोर्चे ने एलान किया कि अगर संसद में बिजली संशोधन बिल पेश किया गया तो वह इसे काले दिवस के रूप में मनाएंगे।
इसी तरह एसकेएम ने चेतावनी दी है कि गन्ना किसानों का बकाया शीघ्र जारी किया जाना चाहिए नहीं तो किसानों की तरफ से रोष प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही मोर्चे ने कहा कि बिजली और बीज संशोधन बिल पर पंजाब सरकार का अभी तक कोई बयान नहीं है। सरकार इन बिलों पर जल्द अपनी स्थिति स्पष्ट करें। अगर बिजली बिल लागू होता है तो इससे बिजली आम लोगों की पहुंच से बाहर हो जाएगी।
प्री मीटर लोगों के घरों में लगाए जाएंगे और बिजली शुल्क कई गुना बढ़ा दिया जाएगा। किसानों के साथ ही आम लोगों पर भी इसका बोझ पड़ेगा। बैठक में बलदेव सिंह निहालगढ़, मुकेश चंद्र शर्मा, जोगिंदर सिंह उगराहां, बूटा सिंह, अंग्रेज सिंह और जंगवीर सिंह चौहान समेत अन्य नेता मौजूद थे।