पंचकूला। कालका की समाज सेविका अनीता शर्मा ने नालों के गंदे पानी को साफ करने की आधुनिक तकनीक को ईजाद करने का दावा किया है। पर्यावरण चिंतक अनीता शर्मा ने शनिवार को सेक्टर-11 के एक रेस्टोरेंट में पत्रकारों से बातचीत में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संपूर्ण स्वच्छता अभियान में तमाम तकनीकी संसाधन झोंकने के बाद पर्यावरण प्रदूषण की गंभीर समस्या फिर भी चुनौती बनी हुई है। इसमें वायु प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण और जीवन दायिनी जल प्रदूषण प्रमुख रूप से जनमानस के लिए एक विकट समस्या का रूप धारण कर चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदूषित पानी के बहाव को गंदगी से मुक्त करने की दिशा में बड़े-बड़े प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार गंदे नालों को साफ करने के लिए करोड़ों की लागत से तकनीक को इस्तेमाल करने में पूरी तत्परता के साथ लगी है। इस परिप्रेक्ष्य में उनकी स्वयं की एक तकनीक है, जो गंदे से गंदे नाले के प्रदूषित पानी को कम से कम लागत में स्वच्छता प्रदान करने में सक्षम साबित हुई है। फार्मूला कितना कारगर और सफल है इसका प्रामाणिक तथ्य गवर्नमेंट अप्रूव लैब अदमा लेबोरेटरी लिमिटेड पंचकूला की टेस्टिंग रिपोर्ट साबित करती है। उन्होंने बताया कि वह अपनी सफलता को सार्वजनिक तौर पर साबित कर जनमानस के हित में इसका संपूर्ण उपयोग करना चाहती हैं ताकि उनकी तकनीक गंदे नालों के प्रदूषण को खत्म करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सके।
अनीता शर्मा अपनी तकनीक को हरियाणा प्रदेश सरकार के जरिए केंद्र सरकार के संज्ञान में लाना चाहती हैं। उनके मुताबिक न्यूनतम लागत से अधिकतम लाभ पहुंचाने वाली उनकी तकनीक पूरी तरह वैज्ञानिक पद्धति पर आधारित है। इसका कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं है। उनकी इस उपलब्धि में उनके शिक्षारत बच्चों का अहम योगदान रहा है। उन्होंने कमतर शैक्षणिक योग्यता के बावजूद उनकी आंतरिक जिज्ञासा व कड़ी मेहनत को अपनी सफलता का मूल बताया है।