अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब सरकार ने राज्य के औद्योगिक कारोबार और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए औद्योगिक केंद्रों के नजदीक विश्वस्तरीय परीक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने की पहल की है। इसके लिए उद्योग एवं वाणिज्य विभाग ने नेशनल टेस्ट हाउस (एनटीएच) के साथ साझेदारी की है। सरकार का कहना है कि इससे एमएसएमई और निर्यातकों की अनुपालन लागत घटेगी और गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार करने में लगने वाला समय भी कम होगा।
यह समझौता बंगलूरू में एनटीएच के 115वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान हुआ। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के निदेशक जसप्रीत सिंह और एनटीएच के महानिदेशक डॉ. आलोक कुमार श्रीवास्तव ने समझौते के दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया। उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब के एमएसएमई और निर्यातक बेहतर गुणवत्ता के दम पर वैश्विक बाजार में अपनी जगह बना सकते हैं।
औद्योगिक क्लस्टरों के पास आधुनिक परीक्षण सुविधाएं मिलने से उद्यमियों को उत्पाद की गुणवत्ता सुधारने, नियमों के पालन पर होने वाला खर्च घटाने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ज्यादा भरोसे के साथ प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी। समझौते के तहत नॉर्थर्न इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (एनआईआईएफटी), जालंधर में अत्याधुनिक एनटीएच लैब स्थापित की जाएगी।
यह लैब लुधियाना, अमृतसर और जालंधर के औद्योगिक केंद्रों को सेवाएं देगी। इसमें खेल सामग्री, टेक्सटाइल, चमड़ा, हैंड टूल्स, ऑटो कंपोनेंट्स और फूड प्रोसेसिंग जैसे प्रमुख क्षेत्रों की जरूरतों के मुताबिक परीक्षण की सुविधा मिलेगी।
अरोड़ा ने कहा कि एनटीएच उपभोक्ता मामले मंत्रालय के अधीन काम करता है और ड्रोन प्रमाणन, ईवी बैटरी परीक्षण तथा ऑर्गेनिक फूड टेस्टिंग जैसे नए क्षेत्रों में भी विशेषज्ञता विकसित कर चुका है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप परीक्षण की सुविधा मिलने से पंजाब की विनिर्माण इकाइयों और एमएसएमई को उत्पादों की गुणवत्ता बेहतर करने में मदद मिलेगी। सरकार को उम्मीद है कि एनटीएच की तकनीकी विशेषज्ञता और पंजाब की औद्योगिक क्षमता का तालमेल राज्य को वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में मजबूत करेगा।