अन्य राज्यों की तरह यदि हरियाणा में भी लॉकडाउन बढ़ता है, तो आगे क्या तैयारियां रहेंगी। सरकार ने मंथन शुरू कर दिया है। गरीब, असहाय और जरूरतमंद परिवार सरकार की प्राथमिकता पर हैं और आगे भी रहेंगे। असंगठित मजदूरों और बुजुर्गों की भी सुध लेते हुए उनका ख्याल रखा जाएगा।
इसी के मद्देनजर हरियाणा सरकार शहरों और गांवों में उक्त वर्ग के परिवारों का सर्वे करवा रही है। ये सर्वे शहरों में शहरी स्थानीय निकाय द्वारा और गांवों में विकास एवं पंचायत विभाग द्वारा विभिन्न टीमें विभक्त कर किया जा रहा है। दोनों विभागों द्वारा ये काम अफसरों व कर्मचारियों की यूनिट, सेक्टर और जोनल स्तर की कमेटियों की निगरानी में चलेगा।
उसके बाद फील्ड सर्वे का तमाम मास्टर डाटा फॉर्मेट में भरकर विभागों द्वारा सरकार की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। इस फील्ड सर्वे के बाद सरकार यह तय करेगी यदि लॉकडाउन बढ़ता है, तो फील्ड में उक्त वर्ग के लोगों की जरूरतें क्या हैं और उन्हें कैसे पूरा किया जा सकता है। सरकार ने दोनों विभागों के अफसरों को जिला उपायुक्तों के मार्फत यह डाटा जल्द से जल्द भेजने के निर्देश दिए हैं।
इस काम के लिए गठित कमेटियों में जिला अफसर सर्वे के लिए स्वैच्छिक सेवा देने वाले समाजसेवी संगठनों के सदस्यों को भी शामिल कर सकते हैं। ताकि जल्द से जल्द सर्वे का काम पूरा हो सके। मगर समाज सेवी संगठनों के ये सदस्य कौन हैं, जिन्हें सर्वे में शामिल किया गया है। इसकी जानकारी भी उनके नामों सहित सरकार को फॉर्मेट में भर कर देनी होगी।
किसे दवा चाहिए, किसे डॉक्टर फील्ड सर्वे से जानेगी सरकार
- संबंधित इलाके में कितने गरीब परिवारों का सर्वे किया गया है।
- इन गरीब परिवारों में से ऐसे कितने परिवार हैं, जिनके पास विभिन्न योजनाओं के तहत राशन कार्ड उपलब्ध है।
- कितने गरीब परिवारों के पास कोई भी राशन कार्ड नहीं है।
- जिन गरीब परिवारों के पास राशन कार्ड नहीं है, क्या वे सप्ताह में सूखा राशन चाहते हैं या रोजाना पका-पकाया भोजन।
- संबंधित इलाके में कितने जरूरतमंद परिवार ऐसे हैं, जिनका सालाना वेतन 1.80 लाख से कम है।
- कितने जरूरतमंद परिवारों को रेगुलर दवाई की जरूरत है।
- जरूरतमंद, गरीब परिवारों में कितने बुजुर्ग ऐसे हैं जिन्हें स्पेशल केयर चाहिए।
- जरूरतमंद और असहाय परिवारों को अन्य और किस चीज की जरूरत है।
- कितने परिवार ऐसे हैं जिन्हें वित्तीय सहायता की जरूरत है।
- प्रदेश में कितने संगठित और असंगठित मजदूरों के परिवार हैं, जिन्हें वित्तीय मदद की जरूरत है।
- प्रदेश में कितने प्रवासी मजदूर हैं, वे किन हालातों में रह रहे हैं, उन्हें क्या मदद चाहिए।
- प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत क्या सभी परिवारों को राशन मिल रहा है या नहीं वेरीफिकेशन होगी।
- प्रदेश में लाभार्थी परिवारों के खातों में वित्तीय मदद आ रही है या नहीं वेरीफिकेशन होगी।