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आंदोलन से हुई संपत्ति क्षति वसूली का रास्ता साफ, अधिसूचना हुई जारी

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चंडीगढ़। हरियाणा में आंदोलन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान करने पर अब भुगतान करना होगा। सरकार ने संपत्ति क्षति वसूली अधिनियम प्रदेश में लागू कर दिया है।
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अब आंदोलन की आड़ में लोगों की दुकानों, रेहडियों, घरों, सरकारी कार्यालयों, गाड़ियों, बसों व अन्य सार्वजनिक संपत्ति पर नुकसान पहुंचाने वाले असामाजिक तत्वों से नुकसान की भरपाई की जा सकेगी। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि हरियाणा सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। अब यह कानून राज्य में लागू हो गया है। अब भविष्य में किसी भी आंदोलन के दौरान गरीब लोगों या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की मंशा में कमी आएगी।
उन्होंने बताया कि सरकार एक ट्रिब्यूनल का गठन करेगी, जो इस प्रकार शिकायतों की जांच करेगा व दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लेगा। उन्होंने कहा कि जो पार्टियां इस अधिनियम का विरोध कर रही हैं, उन्हें यह बताना होगा कि वे दुकानों, रेहड़ियों, घरों, सरकारी कार्यालयों, गाड़ियों, बसों अन्य सार्वजनिक संपत्ति को जलाने वालों के पक्ष में हैं।
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विधानसभा से मिल चुकी है मंजूरी
हरियाणा विधानसभा में हरियाणा लोक व्यवस्था में विघ्न के दौरान क्षति वसूली विधेयक-2021 बीते वर्ष पारित हो चुका है। अब सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से वसूली होगी। हर्जाना राशि जमा न कराने पर संपत्ति कुर्क की जा सकेगी। इस विधेयक को राज्यपाल अप्रैल में मंजूरी दे चुके हैं। अब सरकार ने अधिसूचना जारी की है। विधेयक के अनुभाग-14 के अनुसार वसूली सिर्फ हिंसा करने वालों से ही नहीं, बल्कि प्रदर्शन का नेतृत्व करने वालों, आयोजकों, योजनाकर्ताओं, प्रोत्साहित करने और भाग लेने वालों से भी होगी। विधेयक में प्रदर्शनकारियों की जवबादेही और वसूली का तो प्रावधान है लेकिन इसमें कहीं भी सरकारी अधिकारियों और पुलिस की जवाबदेही तय नहीं की गई है। नुकसान की वसूली के दावों का निपटारा करने के लिए सरकार एक या अनेक ट्रिब्यूनल गठित करेगी।
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