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स्मार्ट मीटर लगाने की गति धीमी, आयोग ने लगाई लताड़

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चंडीगढ़। हरियाणा में स्मार्ट मीटर लगाने की धीमी गति को लेकर हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग ने बिजली निगमों और संबंधित कंपनी को लताड़ लगाई है। साथ ही चेताया है कि अगर जून में लक्ष्य पूरा नहीं किया गया तो उनके खिलाफ कार्रवाई भी करने से भी पीछे नहीं हटेगा। आयोग ने जून की स्टेटस रिपोर्ट जुलाई में तलब की है।
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स्मार्ट मीटर मामले की सुनवाई आयोग के चेयरमैन आरके पचनंदा और सदस्य आरके सरदाना ने की। ईईएसएल कंपनी के सीईओ अरुण कुमार मिश्रा ने बताया कि स्मार्ट मीटर की आपूर्ति नहीं होने से अप्रैल में लक्ष्य हासिल नहीं हो सका। मई में आपूर्ति ठीक होने के कारण लक्ष्य 60 प्रतिशत हासिल किया जा सकता है। दलील दी गई कि कालका, घरौंडा और पिंजौर में निकाय चुनाव होने के कारण स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य प्रभावित हुआ है। इसके अलावा सीईओ ने कहा कि लक्ष्य हासिल करने के लिए डिस्कॉम का सहयोग जरूरी है, ताकि स्मार्ट मीटर लगाने से पहले केबल और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा सके।
आयोग ने डिस्कॉम डायरेक्टर को निर्देश कि वे स्मार्ट मीटर लगाने के मामले में हर सप्ताह कंपनी के साथ बैठक करें और बाधाओं को दूर करें। साथ डिस्कॉम और कंपनी मिलकर ऐसी कार्ययोजना तैयार करें, जिससे लक्ष्य 100 प्रतिशत तक हासिल किया जा सके। आयोग ने कहा कि जून की स्टेटस रिपोर्ट 13 जुलाई को आयोग के समक्ष पेश करें। इस मामले में गंभीरता नहीं दिखाई गई तो आयोग सख्त कार्रवाई कर सकता है।
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2018 में शुरू हुई थी परियोजना, अभी तक 4 लाख मीटर ही लग पाए
यह परियोजना 2018 में शुरू हुई थी, लेकिन सुस्त प्रदर्शन के चलते अभी तक मात्र 4 लाख स्मार्ट मीटर ही लगाए गए हैं। ऐसे में तो इसे पूरा करने के लिए कई वर्ष और लगेंगे। आयोग के चेयरमैन ने कहा कि बार-बार निर्देश जारी करने के बावजूद स्व-घोषित लक्ष्य को हासिल करने में भी कोई सुधार नहीं हो रहा है।
दोनों निगमों में लगाए जाने हैं 10-10 लाख स्मार्ट मीटर
हरियाणा में दोनों निगमों को 20 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य दिया गया है। उत्तर और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगमों को 10-10 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य दिया गया है, लेकिन यह प्रोजेक्ट शुरू से ही धीमी गति से चल रहा है। बिजली विभाग ने इस माह के अंत तक 5 लाख मीटर लगाने का दावा किया था, लेकिन यह टारगेट भी पूरा नहीं हो सका। शुरुआत में पानीपत, करनाल, पंचकूला, फरीदाबाद और गुरुग्राम में यह प्रोजेक्ट चल रहा है।
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