चंडीगढ़। दोआबा क्षेत्र के बंगा हलके से विधायक डॉ. सुखविंदर सुक्खी की विधानसभा सदस्यता रद्द करने का मामला स्पीकर कुलतार सिंह संधवांं के पास पहुंचा है। एडवोकेट एचसी अरोड़ा ने इस संदर्भ में स्पीकर संधवांं के समक्ष एक एप्लीकेशन फाइल की है, जिस पर सुनवाई के लिए स्पीकर से समय मांगा गया है। दरअसल बीते 14 अगस्त को विधायक सुखविंदर सुक्खी शिरोमणि अकाली दल (शिअद) छोड़कर आम आदमी पार्टी (आप) में शामिल हो गए थे। डॉ. सुक्खी बंगा हलके से दो बार के विधायक रहे हैं। सीएम भगवंत मान की अगुआई में उन्होंने पार्टी जॉइन की थी।सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के मुताबिक अगर इस प्रकार के मामले में स्पीकर के समक्ष विधायक के पार्टी छोड़कर दूसरे दल में शामिल होने पर उसकी विधानसभा सदस्यता रद्द किए जाने को लेकर मामला सामने आता है तो उस पर 3 महीने के अंदर सुनवाई की जानी चाहिए।
सुक्खी के आप में शामिल हुए करीब ढाई महीने हो गए हैं, लेकिन अब तक उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द कर बंगा हलके से उपचुनाव कराने जाने को कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। एडवोकेट एचसी अरोड़ा ने स्पीकर को अपनी यह एप्लीकेशन बीते रोज ऑफिस में सुनवाई के लिए भेजी है, इस पर अब स्पीकर को निर्णय लेना होगा।
डाॅ. सुक्खी ने अब तक विधायक पद से इस्तीफा नहीं दिया
शिअद के चुनाव चिह्न पर विधानसभा चुनाव जीतने वाले डॉ. सुक्खी ने अब तक अपनी सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया है। डॉ. सुक्खी के पार्टी छोड़ने से अब दोआबा में पार्टी का कोई विधायक नहीं है। दोआबा में पार्टी के एकमात्र विधायक डॉ. सुखी थे। माझा की अगर बात करें तो मजीठा से गनीव कौर विधायक हैं। वह वरिष्ठ अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की पत्नी हैं। मालवा में पार्टी के विधायक मनप्रीत सिंह अयाली हैं। हालांकि कई बार उनके भी आप में शामिल होने की चर्चा थी। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में शिअद को केवल तीन सीट मिली थी।