चंडीगढ़। पंजाब से राज्यसभा सदस्य सतनाम सिंह संधू ने सदन में पहली पातशाही श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर सिख जत्थे के साथ श्री ननकाना साहिब जा रहे भारतीय श्रद्धालुओं को रोके जाने का मुद्दा उठाया।
इन श्रद्धालुओं को भेदभावपूर्ण तरीके से वाघा-अटारी बॉर्डर पर पाकिस्तान में एंट्री देने से इन्कार कर दिया गया था। संधू ने कहा कि पाकिस्तान का हिंदू श्रद्धालुओं के साथ ऐसा भेदभाव बेहद निंदनीय है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग है कि इस मामले को पाकिस्तान सरकार के सामने उठाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो और किसी भी यात्री के साथ ऐसा दुर्व्यवहार न किया जाए।
संधू ने कहा कि इस वर्ष 2100 लोगों को पाकिस्तान में ननकाना साहिब के दर्शन करने के लिए अनुमति दी गई थी जिनमें से 1900 श्रद्धालु दर्शनों के लिए गए थे।
संधू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया और कहा कि ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान के साथ तनाव के बावजूद सरकार ने श्री ननकाना साहिब, पाकिस्तान की यात्रा सतत जारी रखी और सिखों की भावनाओं का सम्मान किया है। श्री गुरुनानक देव जी सिर्फ सिखों के ही नहीं, बल्कि हिंदुओं के लिए भी अत्यंत पूजनीय गुरु हैं।