चंडीगढ़। चिट्टे की सरेआम बिक्री और पुलिस की तस्करों से मिलीभगत से परेशान बठिंडा के गांव मौडकलां के लोगों ने दीवारों पर काली स्याही से लिख दिया था कि यहां चिट्टा सरेआम बिकता है। उसके बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस खबर को एक दिसंबर को कई समाचार पत्रों ने प्रमुखता से प्रकाशित किया तो हाईकोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लिया। मंगलवार को हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि पंजाब में चिट्टा सरेआम बिक रहा है। लोग दीवारों पर लिखकर इस तरह की नाराजगी जता रहे हैं। मौड कलां मामले में तस्करों पर क्या कार्रवाई हुई है, बताएं?
ग्रामीणों के अनुसार अभी कुछ समय पहले ही गांव के एक युवक की नशे की ओवरडोज से मृत्यु हो गई थी। इससे पहले भी कई युवाओं की नशे की वजह से मौत हो चुकी है जिस वजह से ग्रामीणों में गुस्सा था। हाईकोर्ट ने इसे बेहद गंभीर मानते हुए मामले का संज्ञान ले लिया है। कोर्ट ने इस जनहित याचिका के तौर पर सुनने का निर्णय लेते हुए पंजाब सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। कोर्ट ने इस मामले में अब तक की गई कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।
पुलिस ने कहा-कई युवाओं को पहुंचाया नशा मुक्ति केंद्र
समाचार के अनुसार पुलिस को जब इस बारे में जानकारी मिली तो उन्होंने मौके पर पहुंच कर पेंट की मदद से इन ग्रामीणों द्वारा लिखे गए इस संदेश को मिटा दिया। पुलिस का दावा है कि युवक की मृत्यु के बाद पुलिस ने ठोस कार्रवाई करते हुए गांव में कई एफआईआर दर्ज की हैं और कई युवाओं को नशा मुक्ति केंद्र में पहुंचाया है।