चकूला। सात साल पुराने हादसे में हुई दीपक कुमार की मौत मामले में जिला अदालत ने नगर निगम पंचकूला के हेल्पर तकनीशियन राकेश को जिम्मेदार ठहराते हुए एक साल की कैद और 10 लाख रुपये मुआवजा देने की सजा सुनाई है। अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अगर आरोपी मुआवजा नहीं देता तो उसे तीन महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। मामला 16 जून 2017 का है। सेक्टर-11 के रहने वाले दीपक (17) की जान स्ट्रीट लाइट पोल से लटक रही करंट युक्त तारों की चपेट में आकर चली गई थी। दीपक रोजाना की तरह डांस अकादमी गया था और रात करीब साढ़े आठ बजे लौटते समय सेक्टर 11-14 के बीच की सड़क पार कर रहा था। जैसे ही उसने डिवाइडर के पास लगे पोल को छुआ तो खुले तार से करंट लगा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण में इलेक्ट्रिशियन हेल्पर के पद पर तैनात मृतक के पिता बसवा नंद ने नगर निगम अधिकारियों पर गंभीर लापरवाही का आरोप था। उनका कहना था कि निगम की लापरवाही के कारण उनके बेटे को जान गंवानी पड़ी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया था। अदालत में दस गवाह पेश किए गए, जिसके बाद अदालत ने सभी की गवाही को ध्यान में रखते हुए फैसला सुनाया।