चंडीगढ़। ब्लैक फंगस के बढ़ते खतरे को देखते हुए ‘हरियाणा महामारी रोग (ब्लैक फंगस) विनियम-2021’ लागू कर दिया गया है। यह एक साल के लिए वैध रहेगा। अवहेलना करने वालों के खिलाफ महामारी रोग अधिनियम, 1897 की धारा 3 के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आदेशों की अवहेलना को भारतीय दंड संहिता (1860 का 45) की धारा 188 के तहत दंडनीय अपराध माना जाएगा। इसके तहत 6 महीने की सजा का प्रावधान है। एक हजार रुपये जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा ने कहा कि इन नियमों के तहत जारी किसी भी आदेश या अधिसूचना की अवहेलना की समीक्षा के लिए प्रत्येक जिले में सिविल सर्जन की अध्यक्षता में समिति गठित की जाएगी। सभी स्वास्थ्य सुविधाएं (सरकारी और निजी) संबंधित सिविल सर्जन के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग को ब्लैक फंगस (म्यूकॉरमायकोसिस) के प्रत्येक संदिग्ध या पुष्ट मामले की रिपोर्ट करेंगी। स्वास्थ्य विभाग की पूर्व अनुमति के बिना ब्लैक फंगस के प्रबंधन के लिए कोई जानकारी या सामग्री प्रसारित या प्रचारित नहीं की जाएगी।